Friday , December 15 2017

टिपु सुल्तान की ब्रिटिश की लड़ाई में एक ऐतिहासिक मौत हुई : राष्ट्रपति कोविंद

नई दिल्ली: भाजपा के सदस्यों की हरकतों से शर्मिन्दा होकर, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बुधवार को मैसूर के शासक टिपू सुल्तान का समर्थन करते हुए कहा कि सुल्तान की ब्रिटिशों की लड़ाई में एक ऐतिहासिक मौत हुई थी।

कोविंद ने कर्नाटक विधानसभा के विधायकों को विधान सभा के 60 साल पुरे होने पर एक संयुक्त सत्र में संबोधित करते हुए कहा कि, “टिपु सुल्तान की ब्रिटिश की लड़ाई में एक ऐतिहासिक मौत हुई। वह मैसूर के विकास में अग्रणी भी थे।”

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक नेता, केंद्रीय मंत्री अनंतकुमार हेगड़े ने टिपू सुल्तान को “क्रूर हत्यारा, नीच कट्टरपंथी और सामूहिक बलात्कार करनेवाला” कहा था।

राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस ने 2015 से टीपू सुल्तान की जयंती मनाई है, जिसके चलते मैसूर क्षेत्र और राज्य के अन्य हिस्सों में राईट-विंग संगठनों द्वारा हिंसक विरोध किए गए। राज्य में बीजेपी टीपू सुल्तान को ‘हिंदु विरोधी और कन्नड़ विरोधी’ कहकर समारोहों का विरोध कर रही है।

अपने पिता हैदर अली के बाद, ‘मैसूर के टाइगर’ के नाम से मशहूर टीपू सुल्तान ने 1782-1799 तक मैसूर राज्य पर शासन किया था।

18वीं शताब्दी के शासक को हिंदूविरोधी के रूप में पेश किया जा रहा है, लेकिन वह हिंदू समर्थक थे, जो 156 मंदिरों में दान दे चुके थे, जिसमें चिक्कमगलांगु जिले के श्रृंगेरी शारदा मठ, नानजंगुद में श्रीकांतश्वरस्वामी मंदिर और श्रीरंगपट्ट में रंगनाथस्वामी मंदिर शामिल थे।

TOPPOPULARRECENT