Saturday , December 16 2017

टैक्स घोटाले पर रिटायर्ड मुलाज़िम ने किया हंगामा

रांची मुंसिपल कॉर्पोरेशन में जमा होने वाले टैक्स का इस्तेमाल अपने ज़ाती काम में करने का खुलासा होने के बाद कॉर्पोरेशन की काम करने के तरीके से नाराज वहीं के मुलाज़िम मुखालिफत करने लगे हैं। पांडेय ने एक मेमो एसिस्टेंट कार्यपालक ओ

रांची मुंसिपल कॉर्पोरेशन में जमा होने वाले टैक्स का इस्तेमाल अपने ज़ाती काम में करने का खुलासा होने के बाद कॉर्पोरेशन की काम करने के तरीके से नाराज वहीं के मुलाज़िम मुखालिफत करने लगे हैं। पांडेय ने एक मेमो एसिस्टेंट कार्यपालक ओहदेदार को सौंपा है। उसने कॉर्पोरेशन के अकाउंटेंट समेत आमदनी शाख से जुड़े ओहदेदारों के कामों की जांच कराने की मांग की है। हंगामा कर रहे पांडेय को मेयर आशा लकड़ा ने जांच का यकीन दिहानी देकर पुर अमन कराया।

हंगामे के बाद मेयर से की जांच की मांग
>कॉर्पोरेशन अकाउंटेंट का बेटा डोरंडा अंचल में कैसे काम कर रहा है।
>लेखा ओहदेदार के बेटा के नाम पर अपर बाजार में कैसे दुकान की बंदोबस्ती हुई।
>प्रज्ञा सेंटर का ठेका लेखा ओहदेदार के बेटा के नाम पर कैसे हुआ।
>कॉर्पोरेशन में काम करते हुए लेखा ओहदेदार कॉर्पोरेशन में अपना गाड़ी कैसे चलवाते हैं।

बकाया नहीं मिलने से मुलाज़िम था नाराज

पांडेय ने बताया कि गुजिशता सात साल से अपने बकाये पैसे के लिए कॉर्पोरेशन का चक्कर लगा रहे हैं। ओहदेदार मिलीभगत कर मेरा पैसा खा गए। आला ओहदेदार से इसकी शिकायत की, लेकिन इंसाफ नहीं मिला। पांडेय ने टैक्स रकम के गबन और अकाउंटेंट शाख व आमदनी शाख के कामों की जांच एजेंसी से कराने की गुहार लगाई।

सीईओ ने ओएस से मांगा टैक्स डिटेल

मुंसिपल कॉर्पोरेशन सीईओ ओमप्रकाश साह ने ओएस नरेश कुमार सिन्हा से अकाउंटेंट और कैशियर की मिलीभगत से हुए टैक्स की रकम के गबन मामले में डिटेल रिपोर्ट तीन दिनों के अंदर मांगा है। उन्होंने गुजिशता तीन साल के दौरान कैशियर के पास जमा हुई रकम, बैंक में जमा की गई रकम और रोकड़ पंजी में दर्ज रकम की पूरा तफ़सीलात मांगा है।

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