Friday , December 15 2017

टॉपर्स घोटाला मामले में पूर्व अध्यक्ष और उनकी पत्नी के खिलाफ वारंट

पटना : इंटर टॉपर घोटाले में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति उच्च माध्यमिक शाखा परीक्षा विभाग के कर्मचारियों की परेशानी बढ़ने वाली है। इस शाखा के कर्मचारियों को पूछताछ के लिए बुलाने की तैयारी चल रही है। परीक्षा में लगने वाले अधिकतर कर्मचारियों से पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। दरअसल, बोर्ड के उच्च माध्यमिक शाखा से गड़बड़ी निकलने की संभावना जताई जा रही है। इसमें पूर्व बोर्ड अध्यक्ष डाॅ. लालकेश्वर के विश्वास प्राप्त कर्मचारियों की संख्या भी कम नहीं है। बिहार बोर्ड में ऐसे कर्मचारियों की खोजबीन शुरू कर दी गई है, जिनकी बोर्ड अध्यक्ष कार्यालय में सीधी इंट्री थी। मतलब, उनके संबंध अध्यक्ष से मधुर थे। एसआईटी के साथ बोर्ड प्रशासन भी ऐसे कर्मचारियों को ढूंढ़ रहा है, ताकि मेधा घोटाले की तह को खोला जा सके। अभी पूरे मामले को लेकर परीक्षा नियंत्रक उप परीक्षा नियंत्रक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इसके अलावा परीक्षा केंद्रों के लिए कॉपी परीक्षा सामग्रियां उपलब्ध कराने वाले कर्मचारियों को भी संदेह की नजर से देखा जा रहा है। इन कर्मचारियों को पूछताछ के लिए बुलाए जाने की तैयारी है। ऐसे में बिहार बोर्ड ने सभी कर्मचारियों कार्यालय में उपस्थित रहने का निर्देश दिया है।

बिहार बोर्ड अब इंटर टॉपर घोटाले से बाहर निकालने के प्रयास में जुटा है। इसके लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिया गया है। शिक्षा विभाग ने गड़बड़ी करने वाले सभी कर्मचारियों पर कार्रवाई का निर्देश दिया है। शक के दायरे में आने वाले कर्मचारियों को तत्काल निलंबित करते हुए उन पर विभागीय कार्यवाही की जाएगी। इसके बाद से विभागीय स्तर पर हड़कंप मच गया है।

गौरतलब है कि बिहार इंटर मीडिएट परीक्षा 2016 को मेघा सूची में भारी पैमाने पर हुई गड़बड़ी का खुलासा होने के बाद मुकदमा दाखिल किया गया। और अब जांच के क्रम में कई लोगों को जेल भेजा गया है।

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