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टॉपर स्कैम‌ में शामिल छात्र नाबालिग प्रमाणपत्र के आधार पर अदालत रोलिंग

पटना: एक जिला अदालत ने आज बिहार इंटरमीडिएट इक्ज़ामिनेशन में विवादास्पद िमरानियात (हीमन्टीस) के लेख में शीर्ष स्थान पाने वाली छात्रा (टॉपर) को नाबालिग के रूप में स्वीकार कर लिया है जिसे परीक्षा में जालसाजी के आरोप में गिरफ्तार लिया गया है। स्पेशल विजिलेंस कोर्ट जज राघवेनदर कुमार सिंह ने यह मान लिया है कि एसएससी प्रमाणपत्र के आधार पर यह लड़की अब तक नाबालिग है।

जिसमें उसका जन्म 15 नवंबर 1998 बताई गई है। अदालत रोलिंग पर उक्त छात्रा को बीवर मॉडल जेल से रिमांड होम ले जाया जाएगा। गौरतलब है कि इस लड़की के साथ विज्ञान लेख का एक और टॉपर तब सामने आया जब एक समाचार चैनल सवालों पर अपने लेख के बारे में हास्यास्पद उत्तर दिए थे। जिस पर विवाद पैदा हो जाने के बाद सरकार ने जांच का आदेश दिया था और बिहार स्कूल इक्ज़ामिनेशन बोर्ड की ओर से फिर से परीक्षा लेने के बाद छात्र को स्पेशल इनोस्टेगेशन टीम ने गिरफ्तार करके 25 जून बीवर जेल भेज दिया था लेकिन मीटरोकलेश प्रमाणपत्र के आधार पर वह 17 साल 3 महीने और 9 दिन हैं और उसे जेल में कैद नहीं किया जा सकता।

पूर्व सदस्य जयूनील जस्टिस बोर्ड वी मसरा ने अदालत में छात्रा का पालन करते हुए एसएससी का प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया और दावा किया कि वह अब तक नाबालिग है। बिहार स्कूल इक्ज़ामिनेशन बोर्ड के वकील ने भी छात्र के प्रमाणपत्र का विरोध नहीं किया। जिस पर अदालत ने लड़की नाबालिग स्वीकार कर लिया और इस तरह छात्रा को जेल से रिमांड होम स्थानांतरित करने के लिए मार्ग प्रशस्त हो गया ..

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