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टोलीचौकी में दो गैर आबाद मसाजिद को आबाद करने किसी को फ़िक्र नहीं

हैदराबाद 15 मई : शहर और मज़ाफ़ाती इलाक़ों में ऐसी बेशुमार मसाजिद हैं जो आज भी गैर आबाद हैं । इन गैर आबाद मसाजिद की किसी को फ़िक्र नहीं । गैर आबाद मसाजिद को आबाद करने के लिए सियासत ने एक ख़ुसूसी मुहिम शुरू कर रखी है और उस की इन कोशिशों क

हैदराबाद 15 मई : शहर और मज़ाफ़ाती इलाक़ों में ऐसी बेशुमार मसाजिद हैं जो आज भी गैर आबाद हैं । इन गैर आबाद मसाजिद की किसी को फ़िक्र नहीं । गैर आबाद मसाजिद को आबाद करने के लिए सियासत ने एक ख़ुसूसी मुहिम शुरू कर रखी है और उस की इन कोशिशों के नतीजा में कुछ मसाजिद आबाद हो गई हैं।

आज हम आप को गुंबदान क़ुतुब शाही के करीब टोली चौकी में लबे सड़क अंगूर के बाग़ में मौजूद दो क़दीम मसाजिद के बारे में वाक़िफ़ करवाते हैं । सियासत ने 2 जुलाई 2008 को इन मसाजिद के बारे में एक तफ़सीली रिपोर्ट पेश की थी जिस में बताया गया था कि अल्लाह के उन घरों को मुसलमानों की नज़रों से छुपाया जा रहा है।

रिपोर्ट की इशाअत के साथ ही हमदर्दी का लबारा ओढ़ कर चंद दुनियादार अवाम सामने आए और एलान किया कि वो इन मसाजिद को हर हाल में आबाद करेंगे ताहम आज पाँच साल गुज़र जाने के बावजूद भी इन मसाजिद को आबाद नहीं किया जा सका।

बाअज़ मुक़ामी अवाम ने बताया कि 5 साल क़ब्ल सियासत में रिपोर्ट की इशाअत पर कुछ क़ाइदीन हरकत में आए थे लेकिन हो सकता है कि वो ये सोच कर ख़ामोश हो गए कि अवाम कोई भी वाक़िया बहुत दिनों तक अपने ज़हनों में नहीं रखते।

मुक़ामी अवाम का कहना है कि बाग़ की सफ़ाई से ऐसा लग रहा है कि वहां अब बाजाब्ता तौर पर प्लाटिंग शुरू होने वाली है । आप को बतादें कि राक़िमुल हुरूफ़ ने इन मसाजिद के बारे में वक़्फ़ बोर्ड इन्सपेक्टर से बात की उन बेचारों को इस बारे में कोई इल्म ही नहीं है।

कम अज़ कम वक़्फ़ बोर्ड सियासत में शाय रिपोर्ट्स की बुनियाद पर गैर आबाद मसाजिद की एक फ़ेहरिस्त तय्यार करते हुए अपनी टीमों के ज़रीए इन मसाजिद के तहत मौक़ूफ़ा आराज़ीयात और उन की लागत का अंदाजा करते हुए मसाजिद को आबाद और मौक़ूफ़ा आराज़ीयात के तहफ़्फ़ुज़ के इक़दामात करे।

वक़्फ़ बोर्ड ऐसा करता है तो मिल्लत पर उस का ये एक एहसान होगा।

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