Tuesday , September 25 2018

ट्रंप के रुख से आहत यूरोप अब अपनी सुरक्षा का इंतजाम खुद करने की तैयारी में

नाटो के दिन लदते नजर आ रहे हैं. डॉनल्ड ट्रंप के रुख से आहत यूरोप अब अपनी सुरक्षा का इंतजाम खुद करने की तैयारी कर रहा है. यूरोपीय संघ के देश सामूहिक सुरक्षा तंत्र विकसित करने की तरफ एक कदम आगे बढ़े हैं. यूरोपीय काउंसिल ने यूरोपियन डिफेंस एंड सिक्योरिटी कोऑपरेशन नेटवर्क की स्थापना को मान्यता दे दी है. इसे पेस्को भी कहा जा रहा है. बदलते वैश्विक समीकरणों के चलते इसकी जरूरत महसूस हो रही है. पेस्को के तहत यूरोपीय संघ के सदस्य देश मिलकर नई सैन्य क्षमताएं विकसित कर सकेंगे. मिल जुलकर सेना के लिए नई तकनीक विकसित करेंगे.

यूरोपीय संघ के 23 देशों के रक्षा मंत्रियों ने पेस्को से जुड़े साझा नोटिफिकेशन पर दस्तखत किये हैं.अब तक 25 देश इसके सदस्य हो चुके हैं. फिलहाल अधिकारियों के बीच 17 साझा प्रोजेक्टों पर सहमति बनी हैं. इनके तहत सभी सदस्य देशों की सेनाओं के लिए साझे ट्रेनिंग सेंटर बनेंगे. सदस्य सेनाओं की क्षमता बढ़ाई जाएगी और साझा मिलिट्री रेडियो कम्युनिकेशन भी विकसित किया जाएगा.

गौरतलब है कि 2014 के क्रीमिया विवाद के बाद यूरोप और रूस के बीच मतभेद गहरा चुके हैं. लंबे समय तक अमेरिका यूरोप का साझेदार रहा, लेकिन डॉनल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने से इस दोस्ती में दरारें उभर आई हैं. जलवायु परिवर्तन, सुरक्षा, रूस और येरुशलम जैसे मुद्दों पर यूरोप और अमेरिका की राय बिल्कुल मेल नहीं खा रही है. ट्रंप पहले ही कह चुके हैं कि नाटो की मजबूती के लिए यूरोपीय संघ के देशों को भी पर्याप्त पैसा देना होगा, वरना अमेरिका अकेले नाटो को नहीं चला सकता. ट्रंप के इस रुख की वजह से यूरोप और अमेरिका के बीच मतभेद गहरा रहे हैं.

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