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ट्रेड यूनियनों की आज राष्ट्रव्यापी हड़ताल: वर्कर्स के मुख्य मांगों से सहमत

मम्बई: ट्रेड यूनियनों की कुल राष्ट्रव्यापी हड़ताल के मद्देनजर केंद्रीय मंत्री बंडारुदतात्रिया ने वर्कर्स की समस्याओं के लिए पूर्ववर्ती यूपीए सरकार को दोषी ठहराया है, और यह दावा किया है कि मौजूदा सरकार ने वर्कर्स के लिए बहुत काम किया है कि पिछले 45 साल में नहीं किए जा सके। उन्होंने कहा कि वर्ष 2004 से 2014 तक सत्ता यूपीए सरकार ने समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया लेकिन एनडीए सरकार ने 2 साल की छोटी अवधि में वर्कर्स के हित में निर्णय किया कि पिछले 45 साल में नहीं किए जा सके।

राज्य मंत्री ने कहा कि काम करने की स्थिति में सुधार, स्वास्थ्य, मजदूरी, रोजगार गारंटी, सामाजिक सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित कर दी गई है। कुल मिलाकर सरकार सकारात्मक कदम कर रही है और ट्रेड यूनियनों के साथ टकराव नहीं चाहती। इसलिए उनका सहयोग और समर्थन के इच्छुक हैं।

श्री दत्तात्रेय ने कहा कि हम ट्रेड यूनियनों से बातचीत किए हैं और काम करने की स्थिति में सुधार और सौहार्दपूर्ण संबंध के लिए देख रहे और अब यह उनके विवेक पर होगा कि 2 सितंबर को हड़ताल की जाए या नहीं। उन्होंने बताया कि सरकार बहुत जल्द खेत मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी की घोषणा करेगी और हाल ही में गैर कृषि मजदूरों के लिए दैनिक मजदूरी 246 रुपये से 350 तक बढ़ा दिया गया जबकि उनके वेतन पर वर्ष 2005 से संशोधित नहीं किया गया था। मंत्री ने यह आरोप लगाया कि उनके विभाग प्रदर्शन की समीक्षा से पता चला कि एक भ्रामक अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने यह दावा किया कि सरकार ने सभी प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया है, जो रिपोर्ट के जरिए एसएमएस वर्कर्स को रवाना कर दी जाएंगी और यह साबित किया जाएगा कि यह अनुकूल वर्कर्स सरकार है। गौरतलब है कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार जनता दुश्मन, देशद्रोही और विरोधी वर्कर्स नीतियों के खिलाफ केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने कल देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है।

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