Saturday , December 16 2017

ट्विटर पर छाया ‘केजरीवाल पर फख्र’ है

'करप्शन से आज़ादी हमारा खाब नहीं बल्कि हमारी मांग है।' ट्विटर पर आम आदमी पार्टी के लीडर अरविंद केजरीवाल के हामी उनकी तस्वीर के साथ ये पैगाम पोस्ट कर रहे हैं और सोशल मीडिया पर #ProudOfKejriwal हैंडल ट्रेंड कर रहे है।

‘करप्शन से आज़ादी हमारा खाब नहीं बल्कि हमारी मांग है।’ ट्विटर पर आम आदमी पार्टी के लीडर अरविंद केजरीवाल के हामी उनकी तस्वीर के साथ ये पैगाम पोस्ट कर रहे हैं और सोशल मीडिया पर #ProudOfKejriwal हैंडल ट्रेंड कर रहे है।

नितिन गडकरी हतक इज़्ज़त केस में बॉन्ड न भरने की वजह से अदालत ने अरविंद केजरीवाल को छह जून तक अदालती हिरासत में भेजने का जब से हुक्म सुनाया है तब से उनके हामी सोशल मीडिया पर उनके हक़ में मुहिम छेड़े हुए हैं।

लोगों ने लिखा कि “अरविंद केजरीवाल का सियासत में आने का मक़सद ही इसे बदउनवानी से आज़ाद बनाना है।” कुछ लोगों ने लिखा कि “अरविंद केजरीवाल को जेल भेजना इज़हार की आज़ादी पर हमला है।”

वहीं कुछ लोगों ने लिखा कि “मुल्क को करप्शन से आज़ाद बनाने के लिए अरविंद केजरीवाल सड़कों पर उतरे, लोगों की लाठियां खाईं और अब जेल में हैं। और हम बाहर बैठकर उन पर चुटकुले कस रहे हैं। उनके मिशन का मज़ाक उड़ा रहे हैं।”

केजरीवाल के हामियों ने पाकिस्तानी पीएम नवाज़ शरीफ़ को नरेंद्र मोदी की हलफ बरदारी की तकरीब में मदऊ किए जाने पर तन्कीद की। वहीं कुछ लोगों ने ‘आप’ पार्टी से इस्तीफ़े का ऐलान करने वाली शाज़िया इल्मी से अपील की कि वो बातचीत कर अपने मसले सुलझाएं।

वैसे इसी ट्विटर हैंडल पर केजरीवाल का मज़ाक उड़ाने वालों की भी कमी नहीं है। अरविंद के तिहाड़ जेल जाने पर एक ट्विटर यूज़र ने तब्सिरे किये , “अरविंद वहां पहुंच गए जहां उन्हें होना चाहिए। चलो, देर आए लेकिन दुरुस्त आए।”

एक यूज़र ने लिखा, “जिस तरह से अरविंद केजरीवाल ट्विटर पर ट्रेंड कर रहे हैं उस हिसाब से जल्द ही उन्हें ट्विटर का सीएम (मुख्यमंत्री) ऐलान कर देना चाहिए।”

एक रीडर ने लिखा, “‏शुक्रिया अरविंद। आपकी नौटंकी की वजह से हमारी ज़िंदगी में लुत्फ़ आ गया है। आपके बिना हमारी ज़िंदगी कितनी बोर हो गई थी। वैसे आपके पास क्या गडकरी के ख़िलाफ़ सचमुच कोई सुबूत है।” तो किसी रीडर ने लिखा, “अरविंद केजरीवाल पर फख्र ? मगर किसलिए।”

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