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डर गए मुलायम या फिर कोई चाल?

लखनऊ 21 सितंबर: समाजवादी पार्टी के सरबराह मुलायम सिंह यादव ने जुमे के दिन अपना मुजफ्फरनगर का दौरा जरूरी वजूहात से रद्द कर दिया है। प्रोग्राम के मुताबिक मुलायम दंगा से मुतास्सिर वाले इलाकों का दौरा करने वाले थे।

लखनऊ 21 सितंबर: समाजवादी पार्टी के सरबराह मुलायम सिंह यादव ने जुमे के दिन अपना मुजफ्फरनगर का दौरा जरूरी वजूहात से रद्द कर दिया है। प्रोग्राम के मुताबिक मुलायम दंगा से मुतास्सिर वाले इलाकों का दौरा करने वाले थे।
हिंसा के 4 हफ्ते बाद मुलायम दंगा के मुतास्सिरो के दर्द पर मरहम लगाने मुजफ्फरनगर जाने वाले थे, लेकिन अब शायद मुलायम डर गए हैं।

दरअसल मुजफ्फरनगर के दंगों ने मुलायम के पीएम बनने के ख्वाब की हवा निकाल दी है। सीएम को मुजफ्फरनगर नगर दौरे में जिस तरह काले झंडे दिखाए गए, वह लोकसभा इंतेखाबात को देखते हुए समाजवादी पार्टी (एसपी) के लिए अच्छा इशारा नहीं है। हालांकि इंतेज़ामिया की ओर से मुलायम के दौरे के लिए सारी तैयारियां कर ली गई थी।

सेक्युरिटी के जबरदस्त इंतेजाम किए गए थे। वज़ीर ए आला के मुजफ्फरनगर दौरे में एक गांव में मुतास्सिर लोगो ने आजम खान जिंदाबाद के नारे भी लगाए। दरअसल इस मामले में सुप्रीमो मुलायम सिंह की परेशानी बढ़ती ही जा रही है। अखिलेश के दौरे के बाद वज़ीर ए आज़म मनमोहन सिंह, यूपीए की चेयरपर्सन सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने भी मुजफ्फरनगर का दौरा किया था।

गौरतलब है कि मुजफ्फरनगर के कवाल गांव में 27 अगस्त को एक लड़की से छेड़छाड़ के बाद उसके दो भाइयों की जान लेने के बाद दंगा भड़का था। इस दंगे में 48 लोगों की मौत हो गई और दर्जनों ज़ख्मी हो गए। हालांकि मुलायम सिंह इसे दंगा नहीं मानते। उन्होंने मुजफ्फरनगर के वाकिया को नस्ली तशद्दुद करार दिया है। अपोजिशन पार्टियों का इल्ज़ाम है कि एसपी हूकूमत ने जानबूझकर कार्रवाई नहीं की। वहीं मरकज़ी हुकूमतने बीजेपी और बीएसपी के लीडरो पर दंगा भड़काने का इल्ज़ाम लगाया है।

—–बशुक्रिया: नव भारत टाइम्स

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