डाॅ मुहम्मद मुर्सी लोकतंत्र और आज़ादी के जांबाज़ शहीद थे: पाॅपुलर फ्रंट

डाॅ मुहम्मद मुर्सी लोकतंत्र और आज़ादी के जांबाज़ शहीद थे: पाॅपुलर फ्रंट

पाॅपुलर फ्रंट आफ इंडिया के चेयरमैन ई. अबूबकर ने आज एक बयान जारी करते हुए, डाॅ॰ मुहम्म्द मुर्सी को आख़री सांस तक लोकतंत्र और आज़ादी के लिए लड़ने वाले एक जांबाज़ शहीद के तौर पर याद किया।

उन्होंने कहा ‘‘मशहूर अरब देश मिस्र के इतिहास के एकमात्र लोकतांत्रिक रूप से चुने गए राष्ट्रपति डाॅ मुहम्मद मुर्सी के निधन की ख़बर से उन्हें गहरा सदमा पहुंचा है।’’ मिस्री मीडिया के अनुसार सोमवार के दिन क़ाहिरा में अदालत के अंदर सुनवाई के दौरान मुर्सी गिर पड़े और उनका निधन हो गया। ह्यूमन राईट्स वाच जैसे संगठनों द्वारा लगाए गए आरोपों सहित मिस्र की फौजी सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं कि मुर्सी के इलाज में लापरवाही बरती गई है जिसके कारण उनकी मौत हुई है।

अरब विद्रोह, जिसे जास्मिन क्रांति के नाम से जाना जाता है, और वर्ष 2012 में इख़्वान-उल-मुस्लिमीन के लीडर मुर्सी की चुनावी जीत पूंजीवाद, साम्राज्यवाद और जिओनवाद के शैतानी बंधन के मुंह पर एक ज़बरदस्त तमांचा था। लेकिन एक साल बाद ही मुर्सी की इस लोकतांत्रिक सरकार का तख़्तापलट कर दिया गया। लोकतांत्रिक लीडर डाॅ॰ मुर्सी को 6 सालों तक एक ही जेल में नाक़ाबिले बयान हालत में रखा गया और उन्हें बुनियादी मेडिकल देख-रेख से भी वंचित रखा गया, यहां तक कि उनकी मौत हो गई। निश्चित रूप से डाॅ॰ मुर्सी की प्राकृतिक मृत्यु नहीं हुई है। उन्हें मिस्र और अन्य देशों की ताक़तों द्वारा सोचे समझे तरीके से धीरे-धीरे मौत के घाट उतारा गया। मिस्री सेना इस साज़िश में शामिल मिस्र के तानाशाहों और उनके पश्चिमी आक़ाओं की कठपुतली का काम कर रही है, और उनका मकसद लोकतंत्र के प्रति जनता की चाहतों की हत्या करना है। पश्चिमी देश जो लोकतंत्र और आज़ादी के नाम पर दूसरे देशों के खिलाफ आम तौर पर जंग छेड़ते रहते हैं, यही वे लोग हैं जो मिस्र की जनता को अत्याचार का शिकार बनाए रखने में सीसी की फौजी सरकार की सहायता कर रहे हैं।

मुर्सी मरे नहीं, बल्कि उन मूल्यों के लिए शहीद हुए हैं, जिनके लिए वह अपनी आख़री सांस तक डटे रहे। इतिहास साक्षी है कि मिस्र के लोगों ने पहले भी इससे भी बदतर तानाशाहों से आज़ादी प्राप्त की है और उन्हें सीसी और उनके आक़ाओं से भी आज़ादी मिलेगी। पाॅपुलर फ्रंट आॅफ इंडिया की ओर से ई. अबूबकर ने मुर्सी के परिजनों, मित्रों, साथियों और मिस्र की जनता के साथ गहरी संवेदना व्यक्त की।

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