Tuesday , December 12 2017

डिग्री के साथ सलाहीयत और महारत को बढ़ाने पर ज़ोर

आज तालिब इल्म को तालीम के हुसूल के बाद सिर्फ सर्टीफिकट या डिग्री हासिल करने से मुस्तक़बिल के दरख़शां होने की ज़मानत नहीं दी जा सकती बलके इस का इन्हिसार उस की सलाहीयत और महारत पर होता है।

आज तालिब इल्म को तालीम के हुसूल के बाद सिर्फ सर्टीफिकट या डिग्री हासिल करने से मुस्तक़बिल के दरख़शां होने की ज़मानत नहीं दी जा सकती बलके इस का इन्हिसार उस की सलाहीयत और महारत पर होता है।

ज़माने की तेज़ रफ़्तार तरक़्क़ी में जहां ज़िंदगी के कई शोबा जात में तबदीलीयां होती रहीं मुलाज़मतों के तरीख कार को भी बदला गया। पहले मरहले में तालीम के हुसूल के बाद दिए गए सर्टीफिकट और डिग्री को देखा जाता है लेकिन ये देरपा नहीं चलता बलके अमली शोबा में उम्मीदवार को इस की सलाहीयत और महारत को बतलाना होगा।

इन ख़्यालात का इज़हार साइंटिस्ट प्रोफ़ैसर मिर्ज़ा ज़हीर बैग किंग फ़हद यूनीवर्सिटी आफ़ पैट्रोलीयम ईरान सऊदी अरेबिया ने यहां अहाता सियासत के महबूब हुसैन जिगर हाल में पेशावराना कोर्स के तलबा और मुस्तक़बिल की मंसूबा बंदी के मौज़ू पर ख़ुसूसी समीनार को मुख़ातब करते हुएकहा और अपने लेकचर मैं शख़्सियत साज़ी, मंसूबा बंदी, कामयाबी के उसूल और दौर हाज़िर में दरकार ज़रूरीयात को बहुत आसान अंदाज़ में पेश किया और अपने लेकचर में मुख़्तलिफ़ मौज़ूआत अंग्रेज़ी ज़बान की एहमीयत और सलाहीयतों पर ज़ोर दिया और कहा के कोई भी फ़र्द तरक़्क़ी करता है तो वो अपनी डिग्री या तालीमी क़ाबिलीयत के ज़रीया नहीं करता बलके उस को अपनी सलाहीयत बढ़ाने और अपने शोबा में महारत हासिल करना ज़रूरी है।

इस लिए उन्हों ने Talent और Skill को बढ़ाने पर ज़ोर दिया। इस लेकचर की ख़ुसूसीयत ये थी कि इस में दसेहरा की तातील के बावजूद इंजीनीयरिंग / मैनिजमंट के तलबा ने बड़ी दिलचस्पी से हिस्सा लिया। शरका के सवालात का जवाबात देते हुए उन्हों ने वक़्त का एहसास होने ना दिया और लेकचर मैं सामईन ने हिस्सा लिया।

जनाब नईम उल्लाह शरीफ़ सदर मुस्लिम एजूकेशनल डीवलपमनट फ़ोर्म ने सदारत की और अपनी तक़रीर में नौजवानों पर ज़ोर दे कर कहा के वो हुसूल ताअलीम का एक मक़सद बनाने और अपने मुस्तक़बिल को भी कामयाब और रोशन बनाए जनाब अहमद बशीर उद्दीन फ़ारूक़ी रिटायर्ड डिप्टी एजूकेशनल ऑफीसर ने अपनी तक़रीर में इंजीनीयरिंग कॉलेजस मैं मख़लवा नशिस्तों का हवाला देते हुए तलबा को मश्वरा दिया के वो एक कामयाब अनजीनर बनने केलिए तालीम हासिल करें।

कैरियर कौंसिलर सियासत एम ए हमीद ने ख़ौरमक़दम किया। प्रोग्राम का आग़ाज़ क़रा॔त कलाम पाक से हुआ। आख़िर में सवाल जवाब सेशन रहा। निज़ामत कैफ राइज़ एम ए हमीद ने अंजाम दिए। आख़िर में ताहिर फ़राज़ ने शुक्रिया अदा किया।

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