Wednesday , September 26 2018

डिजिटल इकोनॉमी बनाने के चक्कर में कैश की हो रही है राशनिंग : रिजर्व बैंक ऑफिसर कन्फेडरेशन

नई दिल्ली : देश के कई राज्यों में करेंसी संकट की खबरों के बीच रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने माना है कि कुछ राज्यों में यह संकट कैश की कमी के चलते देखने को मिल रहा है. इससे निपटने के लिए रिजर्व बैंक ने अंतरराज्यीय समिति का गठन किया है जो अगले तीन दिन में अन्य राज्यों से कैश संकट वाले राज्यों में कैश पहुंचाने का काम करेगी. हालांकि आरबीआई की इस दलील के इतर रिजर्व बैंक ऑफिसर कन्फेडरेशन ने दावा किया है कि देश में 30 से 40 फीसदी कैश की कमी है और यह कमी रिजर्व बैंक द्वारा लगातार डिजिटल इकोनॉमी का दबाव बनाने से हुई है.

रिजर्व बैंक ऑफिसर कन्फेडरेशन ने दावा किया है कि देशभर में लोगों में केन्द्र सरकार द्वारा प्रस्तावित एफआरडीआई बिल का खौफ है, लिहाजा लोग बैंक में पैसा जमा करने की जगह कैश अपने पास रखने को तरजीह दे रहे हैं. इस संगठन के मुताबिक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया डिजिटल इकोनॉमी बनाने के लिए कैश की राशनिंग कर रहा है जिससे कई राज्यों में कैश का संकट देखने को मिल रहा है.

सर्कुलेशन में 30 से 40 फीसदी करेंसी की कमी 2000 रुपये और 500 रुपये की करेंसी सर्कुलेशन से बाहर जाने के चलते पैदा हुई है. इस तथ्य से यह साफ है कि देशभर में लोगों को बैंकिंग व्यवस्था में संभावित बदलावों का डर पनप रहा है और लोग अधिक से अधिक पैसा बड़ी करेंसी में घर पर रखने को तरजीह दे रहे हैं.

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