डिस्लेक्सिया पीड़ितो को पीएम मोदी ने उड़ाया मज़ाक, माफी मांगने का बना दबाव

डिस्लेक्सिया पीड़ितो को पीएम मोदी ने उड़ाया मज़ाक, माफी मांगने का बना दबाव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है, जिसमें वो डिस्लेक्सिया पीड़ितों को लेकर एक मजाक करते दिख रहे हैं. माना जा रहा है कि पीएम नरेंद्र मोदी ने यह मजाक राहुल गांधी और उनकी मां सोनिया गांधी को लेकर किया है. पीएम नरेंद्र मोदी के इस वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर उनकी खूब आलोचना हो रही है. पीएम मोदी ने यह मजाक हजारों की संख्या में टेक्नोलॉजी ड्रिवन सॉल्यूशन प्रोग्राम में हिस्सा लेने आए छात्रों के सामने की. प्रधानमंत्री ने अपने इस शब्द चयन पर गौर किया हो या किसी ने उन्हें टोका हो, कहा नहीं जा सकता. हाथ से मैला उठाने को पवित्र कार्य बताने और नोटबंदी के दौरान गरीबों के आनंद का उल्लेख करने जैसे वक्तव्य भी उनके खाते में है.

डिस्लेक्सिया एक न्यूरोलॉजिक यानी तंत्रिक संबंधी समस्या है. इसमें दिमाग कुछ अक्षरों और शब्दों को ग्रहण करने में असमर्थ हो जाता है. यह एक ऐसा मनोविकार माना जाता है जिसमें प्रभावित व्यक्ति को पड़ने-लिखने, याद रखने और स्पेलिंग बोलने में दिक्कत आने लगती है. PM मोदी पर निशाना साधते हुए सिद्धरमैया ने ट्वीट किया कि नरेंद्र मोदी डिस्लेक्सिया पीड़ित लोगों के नाम पर राजनीतिक मजाक कर रहे हैं। आपको शर्म आनी चाहिए। कर्नाटक के पूर्व सीएम ने कहा कि आपके अंदर की असंवेदनशीलता किसी भी नदी में डुबकी लगाने से नहीं धुल सकती।

दरअसल रविवार को प्रधानमंत्री मोदी छात्रों के साथ एक कार्यक्रम में शिरकत कर रहे थे जिसमें छात्र समाज में कुछ बदलाव लाने वाले आइडिया बता रहे थे. एक छात्रा ने प्रधानमंत्री के सामने मंदबुद्धि बच्चों की मदद के लिए कुछ विचार रखे. इसपर मोदी ने उस छात्रा से पूछा कि यह योजना क्या किसी 40-50 साल के बच्चे के भी काम आएगी. उनके इस मजाक पर वहां मौजूद छात्र-छात्राएं हंसने लगे. इसके बाद प्रधानमंत्री भी हंसते दिखे. बच्चों ने एकसुर में बोला कि हां, ये योजना काम आएगी. इस पर प्रधानमंत्री ने कहा कि तब तो बच्चे की मां काफी खुश होगी. प्रधानमंत्री का कथित तौर पर निशाना राहुल गांधी और सोनिया गांधी की तरफ था.

सोशल साइट्स पर प्रधानमंत्री के इस मजाक की काफी आलोचना हो रही है. लोगों का कहना है कि उन्हें डिस्लेक्सिया के शिकार लोगों की ऐसे हंसी नहीं उड़ानी चाहिए. लोगों ने प्रधानमंत्री को ‘असंवेदनशील’ करार दिया है. कई लोगों ने ट्वीट कर लिखा कि प्रधानमंत्री से ऐसे मजाक की उम्मीद नहीं कर सकते. गौरतलब है कि लियोनार्दो दा विंची और पाब्लो पिकासो से लेकर आइंस्टाइन जैसे दिग्गज और कई अन्य जाने-माने लोग इस मनोरोग से पीड़ित बताए जाते हैं.

राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी प्रधानमंत्री मोदी की आलोचना की है. लेफ्ट पार्टी के नेता सीताराम येचुरी ने ट्वीट में लिखा, ‘शर्मनाक और परेशान करने वाला. हम में से कुछ डिस्लेक्सिक या विकलांग रिश्तेदार, दोस्त, बच्चे और माता-पिता हैं. सत्तर साल में पहली बार, ऐसा जुमले वाला व्यक्ति पीएम की कुर्सी पर काबिज है. हद है मि. मोदी. ये हैं आपके संस्कार?’

कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने भी प्रधानमंत्री की आलोचना की और ट्वीट कर लिखा कि ‘भारत में डिस्लेक्सिया के 15 प्रतिशत मामले सामने आते हैं. 2013 की एक रिपोर्ट के अनुसार, मान्यता प्राप्त स्कूलों में 228,994,454 डिस्लेक्सिक छात्र हैं. यह संदेश असंवेदनशील पीएम मोदी के लिए है जो राजनीति के नाम पर उनका मजाक उड़ाने से नहीं चूकते.’

यह पहला मौका नहीं है जब बीजेपी नेताओं ने परोक्ष या अपरोक्ष तौर पर राहुल गांधी-सोनिया गांधी पर निशाना साधा हो. राहुल गांधी पर गलतबयानी के भी आरोप लगाए जाते रहे हैं और बीजेपी नेता कहते हैं कि उन्हें अभी सीखना चाहिए. संसद में राहुल गांधी के गले लगाने पर प्रधानमंत्री ने इसे बचकानी हरकत बताया था. संसद की इस घटना के बाद बीजेपी नेताओं ने राहुल गांधी की काफी आलोचनाएं की थी.

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