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डीआरएस प्रकरण में चैपल ने कहा ऑस्ट्रेलियाई टीम भी दूध की धुली नहीं

मेलबर्न: भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच कोई टेस्ट सीरीज विवादों में न आए, ऐसा हो नहीं सकता. वर्तमान सीरीज में भी विवादों का दौर जारी है. स्टीव स्मिथ के डीआरएस प्रकरण के साथ ही पूरी सीरीज में स्लेजिंग हावी रही है. इसमें न केवल टीम इंडिया बल्कि ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी भी शामिल रहे हैं. वैसे भी ऑस्ट्रेलियाई टीम तो स्लेजिंग के लिए वर्ल्ड फेमस है. इस बीच भारत और ऑस्ट्रेलिया के कई दिग्गजों ने इसे क्रिकेट के लिए सही नहीं बताया है और आईसीसी से इसे रोकने की मांग की है. इसी कड़ी में ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज क्रिकेटर इयान चैपल ने भी अपनी राय रखी है. उनका मानना है कि जहां तक छींटाकशी का सवाल है तो ऑस्ट्रेलिया भारत पर अंगुली उठाने की स्थिति में नहीं है, लेकिन प्रशासकों को कदम उठाकर मैदानी आक्रामकता को रोकना चाहिए जिससे कि यह अनियंत्रित नहीं हो जाए.

इयान चैपल ने ‘चैनल नाइन’ के लिए अपने कॉलम में कंगारू टीम को भी आड़े हाथों लेते हुए लिखा है, ‘अधिकारियों को मैदानी छींटाकशी के खिलाफ कड़ा रुख अपनाना होगा. मुझे साथ ही लगता है कि ऑस्ट्रेलिया अंगुली उठाने की स्थिति में नहीं है. वे खुद भी दूध के धुले नहीं हैं.’

चैपल ने एक हद स्लेजिंग को सही बताते हुए कहा है कि यदि यह सीमा लांघती है, तो अधिकारियों को आगे आना होगा और इसके लिए कदम उठाने होंगे. उनके अनुसार यदि ऐसा नहीं हुआ, तो क्रिकेट की स्पिरिट पर असर पड़ेगा.

उन्होंने भारतीय कप्तान विराट कोहली को भी नसीहत दी है. उनके अनुसार कोहली को अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखने की जरूरत है. एक कप्तान के रूप में उन्हें संयम दिखाना चाहिए. चैपल ने कहा, ‘दोनों देशों के बीच अब तक काफी छींटाकशी और आरोप लगे हैं लेकिन ऐसा इसलिए है क्योंकि काफी अच्छा और जज्बे वाला क्रिकेट खेला गया है. लेकिन प्रशासक बेवकूफ होंगे अगर वे खेल के मैदान पर इसे जारी रहने की स्वीकृति देंगे.’’

अधिकारियों की ओर से कार्रवाई में हो रही देरी की ओर इशारा करते हुए चैपल ने कहा कि प्रशासकों के कार्रवाई नहीं करने से समस्या बढ़ रही है.

उन्होंने कहा, ‘अगर ऐसा होता रहेगा तो समस्या बढ़ेगी. वर्षों से इसे बढ़ने दिया गया है और कोई भी इसे रोकने के लिए कदम नहीं उठा रहा. एक दिन यह मैदान पर बड़ी समस्या पैदा करेगा. पहले ही यह समय समय पर कुछ कटुता पैदा करता रहा है. लेकिन इस सीरीज में अब तक के साक्ष्यों को देखते हुए किसी चरण में यह इससे काफी आगे जाएगा.’

चैपल ने यह भी कहा, ‘अगर मैं भारतीय कप्तान विराट कोहली की एक आलोचना करूं तो वह यह है कि वह थोड़े अधिक भावुक हैं. एक कप्तान के रूप में यह सर्वश्रेष्ठ होता है कि भावनाओं पर काबू रखा जाए लेकिन वह ऐसा नहीं करता.’ चैपल ने कहा, ‘‘वह काफी भावुक इंसान है. यह कहना कि वह किसी और से बदतर है, अनुचित होगा क्योंकि सभी ऐसा करते हैं और कुछ लोग कोहली से अलग तरह से करते हैं. मैदान पर इतनी बातचीत की स्वीकृति देना बेवकूफाना है.’ चैपल ने कहा कि कोई भी टीम यह दावा नहीं कर सकती कि वह मैदान पर आदर्श व्यवहार के आईसीसी के नियमों का पूर्ण रूप से पालन करती है.

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