Monday , December 18 2017

डीज़ल पर फ़ी ( प्रति) लीटर 5.62 रुपय का इज़ाफ़ा , पकवान गैस साल में सिर्फ 6 सिलेंडर

नई दिल्ली, १४ सितंबर (पी टी आई) ग़रीब की परेशानीयों में इज़ाफ़ा ( वृद्वी) करते हुए हुकूमत ने आज डीज़ल की क़ीमतों में फ़ी ( प्रति) लीटर बेतहाशा 5.62 रुपय का इज़ाफ़ा किया है और पकवान गैस की सरबराही को एक साल के दौरान सिर्फ़ 6 गैस सिलेंडर्स तक महिदू

नई दिल्ली, १४ सितंबर (पी टी आई) ग़रीब की परेशानीयों में इज़ाफ़ा ( वृद्वी) करते हुए हुकूमत ने आज डीज़ल की क़ीमतों में फ़ी ( प्रति) लीटर बेतहाशा 5.62 रुपय का इज़ाफ़ा किया है और पकवान गैस की सरबराही को एक साल के दौरान सिर्फ़ 6 गैस सिलेंडर्स तक महिदूद (सीमित) कर दिया है।

सब्सीडी वाले गैस सिलेंडर साल में सिर्फ 6 सिलेंडर सरबराह किए जायेंगे ताकि ज़ाइद अज़ ( ज्यादा से ज्यादा) 20,300 करोड़ रुपय बचाया जा सके, ताहम ( यद्वपि) हुकूमत ने केरोसीन की शरहों (दरों) में कोई इज़ाफ़ा नहीं किया है और पेट्रोल की क़ीमत में भी इज़ाफ़ा ना करते हुए फ़ी (प्रति) लीटर 5.30 रुपय की एक़्साईज़ डयूटी की कटौती अमल में लाई है।

हुकूमत ने अपनी पालिसी के मफ़लूज हो जाने की तन्क़ीदों का सामना करते हुए और तेल पर दी जाने वाली सब्सीडी की रक़म 187,127 करोड़ रुपय में असतक़दामी असर के साथ कटौती करने के दबाव के तहत ये फ़ैसला किया है। वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह की ज़ेर-ए-क़ियादत मुनाक़िदा काबीनी कमेटी बराए सयासी उमोर ने पेट्रोलीयम अशीया की क़ीमतों में इज़ाफ़ा का जायज़ा लिया और मज़कूरा बाला इज़ाफ़ा का ऐलान किया।

यू पी ए की हलीफ़ पार्टीयों ख़ासकर टी एम सी, एस पी ने इज़ाफ़ा की मुख़ालिफ़त की जबकि तृणमूल कांग्रेस और डी एम के वुज़रा का बीनी इजलास ( कैबिनेट मीटिंग) से गैरहाज़िर रहे। वयाट ( VAT) और मुक़ामी सेल्स टेक्स के बगै़र ही डीज़ल की क़ीमत में सब से ज़्यादा 5 रुपय का इज़ाफ़ा किया गया है।

इस के साथ ही कल से क़ौमी दार-उल-हकूमत में फ़ी (प्रति) लीटर डीज़ल की क़ीमत 46.95 रुपय होगी। इस वक़्त फ़ी (प्रति) लीटर 41.32 रुपय है। काबीनी कमेटी बराए सयासी उमोर ने ये भी फ़ैसला किया है कि हर माह घरों को सरबराह किए जाने वाले सिलेंडरों की तादाद अब सिर्फ सालाना 6 कर दी जाय।

14.2 किलोग्राम की पकवान गैस काफ़ी सिलेंडर सब्सीडी की क़ीमत यानी 399 रुपय की शरह से सरबराह किया जाएगा जबकि घरेलू सारिफ़ीन को 6 से ज़ाइद सिलेंडर्स की ज़रूरत हो तो उन्हें फ़ी सलिंडर मार्केट की शरह (दर) 746 रुपय में हासिल करनी होगी। डीज़ल की क़ीमत को गुज़श्ता मर्तबा जून में फ़ी लीटर 3.37 रुपय का इज़ाफ़ा किया गया था।

पेट्रोल पर सरकारी मिल्कियत की तेल कंपनीयां 6 रुपय फ़ी लीटर का ख़सारा ( नुकसान) उठा रही हैं। जून 2010 में पेट्रोल को हुकूमत के कंट्रोल से आज़ाद कर दिया गया था। हुकूमत ने केरोसीन की क़ीमत में इज़ाफ़ा ना करने का फ़ैसला किया है। इस की मौजूदा क़ीमत फ़ी लीटर 14.83 रुपय है जबकि इस पर फ़ी लीटर 34.34 रुपय की लागत आ रही है।

केरोसीन की फ़रोख्त पर तेल मार्केटिंग कंपनीयों का 32,000 करोड़ रुपय का ख़सारा बरक़रार रहेगा। पकवान गैस की सरबराही पर पाबंदी से मालीयाती साल के दूसरे हिस्सा के दौरान तक़रीबन 5,300 करोड़ रुपय की बचत होगी। पारलीमानी स्टैंडिंग कमेटी की सिफ़ारिशात की बुनियाद पर ही पकवान गैस सलिंडर की सरबराही पर पाबंदी आइद करने का फ़ैसला किया गया।

हर माह फ़ी सिलेंडर हासिल करने वाले घरेलू सारिफ़ीन को अब सब्सीडी की क़ीमत 399 पर सालाना सिर्फ़ 6 सलिंडर दिए जायेंगे। जबकि माबाक़ी 6 सिलेडर्स या उन की तलब के मुताबिक़ उन्हें मार्केट की क़ीमत यानी 746 रुपय अदा करके हासिल करना होगा।

TOPPOPULARRECENT