Monday , December 11 2017

डीटीओ दफ्तर में काम ठप, 2500 दरख्वास्त ज़ेरे अल्तवा

दारुल हुकूमत के जिला नक़ल व हमल दफ्तर (डीटीओ ऑफिस) में कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है। 25 जून से (इसी दिन नये डीटीओ राजेश कुमार ने चार्ज लिया था) डीटीओ दफ्तर में सिर्फ दरख्वास्त जमा किये जा रहे हैं। 2500 से ज़्यादा दरख्वास्त पड़े हैं। इनपर

दारुल हुकूमत के जिला नक़ल व हमल दफ्तर (डीटीओ ऑफिस) में कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है। 25 जून से (इसी दिन नये डीटीओ राजेश कुमार ने चार्ज लिया था) डीटीओ दफ्तर में सिर्फ दरख्वास्त जमा किये जा रहे हैं। 2500 से ज़्यादा दरख्वास्त पड़े हैं। इनपर कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है।
नये गाड़ियो का रजिस्ट्रेशन बहुत धीमा है। नये ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं बन रहे हैं। पुराने लाइसेंस का तजदीद नहीं हो रहा है। गाड़ियों का ऑनर बुक और लाइसेंस का स्मार्ट कार्ड नहीं बन रहा है। आरजी नंबर भी कम दिये जा रहे हैं। गाड़ियों के ट्रांसफर नहीं हो रहे।

दस्तखत नहीं कर रहे हैं डीटीओ : खबर है कि डीटीओ राजेश कुमार कागजातों पर दस्तखत ही नहीं कर रहे हैं। इस वजह एक हजार से ज़्यादा ड्राइविंग लाइसेंस (500 नये और आरजी के 500) जारी नहीं किये जा रहे हैं। गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन की रफ्तार इतनी धीमी है कि दो माह में अभी भी 1500 से ज़्यादा मामले जेरे अल्त्वा हैं। गुजिशता दो माह के दौरान रांची से खरीदी गयी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए लोग परेशान हैं।

डीटीओ दफ्तर से गाड़ियों को एनओसी भी नहीं जारी किया जा रहा है। डीटीओ की हिदायत पर जिले के बाहर से खरीदी गयी गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन का दरख्वास्त लेना भी बंद कर दिया गया है।

शिकायतों पर नहीं होती कार्रवाई : डीटीओ ऑफिस में अफरा तफरी उरोज पर है। परेशान आवाम डीसी दफ्तर में चक्कर लगा-लगा कर अफसरों के सामने शिकायतें दर्ज करा रही है। पर, उनकी कोई नहीं सुनता। डीटीओ दफ्तर के बाबू और मुलजिम आवाम से सीधे मुंह बात तक नहीं करते हैं।

अफसर और मुलजिम वक़्त पर नहीं आते हैं। लोग उनके इंतजार में भी घंटों खड़े रहते हैं। लोग कागजों का बंडल लिए दफ्तर के एक कमरे से दूसरे कमरे का चक्कर लगा रहे हैं। आलम यह है कि लोगों के दरख्वास्त और दस्तावेज दफ्तर में गुम हो जा रहे हैं। डीटीओ ऑफिस की हालत की वजह दलालों की भी चांदी हो गयी है। अब लोग एक बार फिर काम कराने के लिए दलालों को खोज रहे हैं।

TOPPOPULARRECENT