Wednesday , December 13 2017

‘डीम्ड यूनिवर्सिटी’ से ली गई इंजीनियरिंग डिग्रीयों को सुप्रीम कोर्ट ने किया रद्द

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को डीम्ड यूनिवर्सिटीज से साल 2001 से पत्राचार से इंजिनियरिंग की डिग्री हासिल करने वाले हजारों छात्रों को बड़ा झटका दिया है। शीर्ष न्यायालय ने 4 डीम्ड यूनिवर्सिटी के हजारों छात्रों की इंजीनियरिंग की डिग्रियां रद्द कर दी हैं।

इसके बाद इन डिग्रियों के दम पर नौकरी हासिल करने वालों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। इसके अलावा सभी डीम्ड विश्वविद्यालयों पर आगामी अकादमिक सत्र से बिना संबंधित अथॉरिटी (यूजीसी, एआईसीटीई, डीईसी) से अनुमति के दूरस्थ शिक्षा के जरिए कोई भी कोर्स चलाने पर रोक लगा दी है।

ये हैं चार डीम्ड विश्वविद्यालय हैं इलाहाबाद एग्रीकल्चर इंस्टीट्यूट, जेआरएन, राजस्थान विद्यापीठ (उदयपुर), इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस स्टडीज (राजस्थान) और विनायक मिशन रिसर्च फाउंडेशन (तमिलनाडु)।

हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने 2001-05 के बीच इन चारों संस्थानों से कॉरेस्पोंडेंस कोर्स यानी ओपन लर्निंग के जरिए इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करने वालों को एक रियायत दी है।

इन छात्र-छात्राओं को अपनी इंजीनियरिंग डिग्री बचाने के लिए एआईसीटीई की परीक्षा में बैठना होगा और परीक्षा में पास होने पर ही उनकी डिग्री बचेगी। इसके लिए उन्हें दो मौके मिलेंगे।

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