Friday , December 15 2017

डीज़ल की कीमतें जल्द अज़ जल्द आज़ाद करदें: राजन

हुकूमत को तेल की अक़ल्लतरीन कीमतों का लाज़िमन फ़ायदा उठाते हुए अंदरून एक साल डीज़ल को सरकारी कंट्रोल से आज़ाद करदेना चाहिए , गवर्नर आर बी आई रघूराम राजन ने आज ये बात कही। ब्रेंट का ख़ाम तेल जो एशियाई और हिन्दुस्तानी खरीदारों केलिए कसौट

हुकूमत को तेल की अक़ल्लतरीन कीमतों का लाज़िमन फ़ायदा उठाते हुए अंदरून एक साल डीज़ल को सरकारी कंट्रोल से आज़ाद करदेना चाहिए , गवर्नर आर बी आई रघूराम राजन ने आज ये बात कही। ब्रेंट का ख़ाम तेल जो एशियाई और हिन्दुस्तानी खरीदारों केलिए कसौटी होता है , उसकी कीमत में जून से 14 फ़ीसद की गिरावट आई और वो 96.38 अमरीकी डालर फ़ी बयारल होचुकी है।

इस के साथ हर माह 50 पैसे फ़ी लीटर के इज़ाफ़ों ने मिल कर क़ौम के सब से ज़्यादा इस्तेमाल में आने वाले इंधन पर ख़सारों को महज़ 8 पैसे फ़ी लीटर घटा दिया है। राजन ने यहां बैंकिंग सिमट को बताया कि ख़ाम तेल की कमतर कीमतें हम जैसे मुल्कों को खरीदारी में मदद कर रही हैं।

आम तौर पर तेल की कमतर कीमत का मतलब कमतर सी ए डी होता है, तेल पर रियायतें कम होती हैं और इफरातॱएॱ ज़र भी कमतर रहता है। हमें इस सूरत-ए-हाल का फ़ायदा उठाने की ज़रूरत है ताकि डीज़ल पर सब्सीडी का मुकम्मल तौर पर ख़ातमा होजाए।

हमें इस मौक़े से इस्तिफ़ादा करते हुए डीज़ल पर रियायतों को मुम्किना हद तक जल्द अज़ जल्द ख़त्म करदेना चाहिए। डीज़ल की कीमतों में अगली नज़र-ए-सानी इस माह के अवाख़िर मुक़र्रर है और मौजूदा रुजहान को देखते हुए डीज़ल पर ख़सारा बड़ी हद तक ख़त्म होजाने की तवक़्क़ो है।अप्रैल 2002 में जब एन डी ए बरसर-ए-इक्तदार था , पैट्रोल और डीज़ल की कीमतें सरकारी कंट्रोल से आज़ाद करदी गई थीं।

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