Saturday , December 16 2017

डी एससी अहल उम्मीदवारों के साथ इंसाफ़ करने का मुतालिबा

तेलंगाना स्टेट तेलुगु नाडो ओपाधयाया संघम ने साल 1998 डी एससी क्वालिफाईड (अहल) उम्मीदवारों के साथ मुकम्मिल इंसाफ़ करने का रियासती हुकूमत तेलंगाना बिशमोल वज़ीर-ए-ताअलीम रियासत तेलंगाना जगदीश रेड्डी से पुर ज़ोर मुतालिबा किया।

तेलंगाना स्टेट तेलुगु नाडो ओपाधयाया संघम ने साल 1998 डी एससी क्वालिफाईड (अहल) उम्मीदवारों के साथ मुकम्मिल इंसाफ़ करने का रियासती हुकूमत तेलंगाना बिशमोल वज़ीर-ए-ताअलीम रियासत तेलंगाना जगदीश रेड्डी से पुर ज़ोर मुतालिबा किया।

एन धमनीशोर राव सदर के मनोहर राव ,जनरल सेक्रेटरी टी एसटी एन यू एस (तेलंगाना स्टेट तेलुगु नादू ओपाधयाया संघम ) ने ये बात बताई और कहा कि इस सिलसिले में पिछ्ले दिन वज़ीर-ए-ताअलीम तेलंगाना जगदीश रेड्डी से मुलाक़ात कर के एक तफ़सीली याददाश्त पेश की जिस पर वज़ीर मौसूफ़ ने मुसबित रद्द-ए-अमल का इज़हार करते हुए हमदर्दाना ग़ौर करने का यकीन दिया है। इन क़ाइदीन ने कहा कि पिछ्ले 15 साल के दौरान डी एससी 1998 के अहल उम्मीदवारों को किसी वजह के बगै़र असातिज़ा की जायदाओं पर तक़र्रुर करते हुए अहकामात तक़र्रुत जारी नहीं किए गए और साबिक़ हुकूमतों ने इस मसले की यकसूई के लिए कोई मुनासिब फ़ैसला करने से क़ासिर है जिस के नतीजे में पिछ्ले 15 साल से मदारिस में जायदादें मख़लवा रहने के बाइस ना सिर्फ़ मदारिस का मयार तालीम मुतास्सिर हुआ बल्कि डी एससी 1998 के अहल इन उम्मीदवारों को कई मसाइल से दो-चार होना पड़ा।

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