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डेबिट कार्ड पर ट्रांजेक्शन फीस की नयी व्यवस्था का ऐलान की तैयारी

नई दिल्लीः सूचना तकनीक मंत्रालय ने देश में डिजिटल माध्यमों से लेन-देन को बढ़ावा देने के लिए रिजर्व बैंक को सुझाव दिए हैं. इन्ही सुझावों में कहा गया है कि डेबिट कार्ड पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआऱ) यानी ट्रांजेक्शन फीस की ऊपरी सीमा तय की जाए और ये सीमा 200 रुपये हो सकती है.

रिजर्व बैंक पहले ही साफ कर चुका है कि सुझावों पर विचार चल रहा है औऱ जब तक इन पर कोई फैसला नहीं होता तब तक दिसम्बर में ऐलान किए ट्रांजेक्शन फीस लागू रहेंगे.

अभी डेबिट कार्ड के जरिए 1000 रुपये तक के लेन-देन पर ट्रांजेक्शन फीस ज्यादा से ज्यादा 0.25 फीसदी यानी ढ़ाई रुपये है, वहीं 1000 रुपये से दो हजार रुपये तक के बीच के लेन-देन पर ट्रांजेक्शन फीस की सीमा 0.5 फीसदी तय की गयी है. यानी इस सीमा में की गयी लेन-देन पर ट्रांजैक्शन फीस ज्यादा 10 रुपये होगी. दो हजार रुपये से ज्यादा के लेन-देन पर ट्रांजैक्शन फीस की ऊपरी सीमा 1 फीसदी है और मतलब ये कि यदि 2500 रुपये का लेन-देन है तो उस पर ज्यादा से ज्यादा ट्रांजैक्शन फीस 25 रुपये हो सकता हैऔर ध्यान रहे कि क्रेडिट कार्ड पर ट्रांजैक्शन फीस की कोई सीमा तय नहीं हैऔर कार्ड जारी करने वाले बैंक अपनी सुविधा के हिसाब से ये चार्ज लगा सकते हैं.

रिजर्व बैंक ने डेबिट कार्ड पर चार्ज को लेकर फरवरी में जो मसौदा जारी किया था उसके मुताबिक, नयी दरों पर विचार-विमर्श के लिए लेन-देन की सीमा के बजाए कारोबारियों की आय को आधार बनाया गया है. यहां प्रस्ताव किया गया कि 20 लाख रुपये के सालाना कारोबार करने के वाले व्यापारियों के लिए पॉस मशीन पर लेन-देन क लिए सर्विस चार्ज यानी एमडीआर की ज्यादा से ज्यादा दर 0.4 फीसदी होगी.

डेबिट कार्ड से किया गया लेन-देन सीधे आपके खाते से जुड़ा होता है. मतलब ये कि आपके खाते में जितनी रकम होगी, उतनी ही तक का कार्ड के जरिए खर्च कर पाएंगे. इसीलिए यहां पर ट्रांजैक्शन फीस को नियमित किया गया है. वहीं क्रेडिट कार्ड पर आपको आज खर्च करने और 45 दिनों के भीतर चुकाने की सुविधा मिलती है, इसीलिए उसपर ट्रांजैक्शन फीस की सीमा 2 से 2.5 फीसदी तक हो जाती है. बड़े दुकानों, होटल, शो रुम, रिटेल आउटलेट वगैरह पर कार्ड से भुगतान करने पर आपको अतिरिक्त चार्ज नहीं देना होता, क्योंकि वो अपने मार्जिन से उसका बोझ उठाने की स्थिति में होती है. चूंकि उनके लिए कैश हैंडलिंग पर होने वाला खर्च बच जाता है, इसीलिए वो इस बचत का फायदा आपको दे पाते हैं.

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