Wednesday , December 13 2017

डॉक्टरों ने दी नई जिंदगी, अलग हुईं जिस्म से जुड़ी बहनें

नई दिल्ली, 10 जुलाई: पैदाइश से जुड़ी शैली और शिल्पा इन दो बच्चियों को एम्स के माहिर डॉक्टरों की टीम ने अलग कर नई पहचान और नई जिंदगी दे दी है। इनके वालिदैन के पास कहने को ल्फ्ज़ नहीं हैं। वो कभी डॉक्टरों, कभी मददगारों तो कभी खुदा का शुक्

नई दिल्ली, 10 जुलाई: पैदाइश से जुड़ी शैली और शिल्पा इन दो बच्चियों को एम्स के माहिर डॉक्टरों की टीम ने अलग कर नई पहचान और नई जिंदगी दे दी है। इनके वालिदैन के पास कहने को ल्फ्ज़ नहीं हैं। वो कभी डॉक्टरों, कभी मददगारों तो कभी खुदा का शुक्रिया अदा कर रहे हैं।

शैली और शिल्पा के वालिदैन शशिकला और लालभाई पेशे से मजदूर हैं। तन से जुड़ी दोनों बच्चियों की पैदाइश 19 नवंबर, 2012 को हुआ था। 12 दिसंबर को उन्हें एम्स लाया गया और 23 मई को कामयाब सर्जरी की गई।

एम्स के पीडियाट्रिक सर्जरी डिपार्टमेंट के प्रोफेसर डॉक्टर एम. बाजपेयी की कियादत में डॉक्टरों और तकनीकी मुलाअज़िमों की 30 लोगों की टीम ने सात घंटे में इस सर्जरी को अंजाम दिया।

डॉ. बाजपेयी ने बताया कि सर्जरी से पहले एनेस्थीसिया के डॉक्टरों के लिए बच्चियों को ऑपरेशन करने के लिए तैयार करना बड़ी चुनौती थी।

एनेस्थीसिया के बाद सबसे पहले दोनों को अलग करने के लिए स्किन काटा गया। इसके बाद आपस में जुड़ी हड्डियों को काटा गया। फिर डॉक्टरों ने नसों को अलग-अलग किया।

इसके बाद लीवर को दो हिस्सों में बांटा गया और दोनों बच्चियों की री-कंस्ट्रक्शन सर्जरी की गई। इसमें तकरीबन चार घंटे का वक्त लगा।

दोनों बच्चियों में एक ही लीवर था। लिहाजा डाक्टरों ने लीवर निकाल कर दो हिस्सों में बांटा और दोनों बच्चियों के जिस्म में आधा-आधा लीवर Transplanted किया गया। डॉक्टरों का कहना है कि वक्त के साथ लीवर पूरी तरह से तैयार हो जाएगा। दो तिहाई खून लीवर से ही आगे बढ़ता है।

कई बार ऐसा होता है कि Womb में पल रहे जुड़वां Fetus देर से स्प्लिट (Split) होते है। इस वजह से बच्चों के जिस्म का कोई Organ आपस में जुड़ जाता है। Fetus जल्द स्प्लिट (Split) हो जाए तो इस तरह के मसले नहीं आते। इसका कोई साइंसी वजह आज तक पता नहीं चल पाया है।- दीपिका डेका, फीटल मेडिसिन डिवीजन चीफ, एम्स

बशुक्रिया: अमर उजाला

TOPPOPULARRECENT