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डॉक्टर अब्दुल क़ैयूम की किताब तक़ाबुली सियासत मंज़रे आम पर

डॉक्टर अब्दुल क़ैयूम शोबा सियासियात और नज़्मो नस्क़ आम्मा, मानू (MANNU) की नई किताब तक़ाबुली सियासत छप कर मंज़रे आम पर आ गई है। उर्दू ज़बान में मौसूफ़ की गुज़िश्ता ग्यारह बर्सों में ये चौधवीं निसाबी किताब है जो तमाम जमिआत के एम ए सियासियात के

डॉक्टर अब्दुल क़ैयूम शोबा सियासियात और नज़्मो नस्क़ आम्मा, मानू (MANNU) की नई किताब तक़ाबुली सियासत छप कर मंज़रे आम पर आ गई है। उर्दू ज़बान में मौसूफ़ की गुज़िश्ता ग्यारह बर्सों में ये चौधवीं निसाबी किताब है जो तमाम जमिआत के एम ए सियासियात के तलबा की देरीना ज़रूरत को पूरा करती है।

ख़ुसूसन उर्दू ज़बान में एम ए पोलिटिकल साईंस फासलाती कोर्स के इम्तेहानात लिखने वाले तलबा इस मौज़ू पर उर्दू में किताब ना होने से परेशान थे।

तक़ाबुली सियासत एक नज़रियाती किताब है जिस में सयासी निज़ाम, हुकूमतों की कसमें, आज़ाए हुकूमत, सयासी तमद्दुन, सियासी समाजियाना, सयासी जदीदयाना, सयासी तबदीली और तरक़्क़ी, सयासी जमातें, सयासी शिरकत और प्रेशर ग्रुप्स वग़ैरा मौज़ूआत से बहस की गई है।

218 सफ़हात की इस किताब को निसाब पब्लिशर्स हैदराबाद ने बेहतरीन दीदा जे़ब गेटअप और म्यारी काग़ज़ और किताबत के साथ शाय किया है जिसे हुदा बुक डिस्रीदरब्यूटर्स पुरानी हवेली या ख़ुद मुसन्निफ़ से फ़ोन नंबर 9441277497 पर रब्त करें।

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