Tuesday , January 23 2018

ड्रोन हमलों की रोक थाम का मुस्तक़िल हल निकाला जाये

* हलारी क्लिन्टन से ज़रदारी की मुलाक़ात शिकागो, पाकिस्तान के राष्ट्रपती आसिफ़ अली ज़रदारी ने नाटो मीटिंग के दौरान अमेरीका पर दबाव‌ डाला है कि अमेरीकी ड्रोन हमलों का कोई मुस्तक़िल हल निकाले।

* हलारी क्लिन्टन से ज़रदारी की मुलाक़ात
शिकागो, पाकिस्तान के राष्ट्रपती आसिफ़ अली ज़रदारी ने नाटो मीटिंग के दौरान अमेरीका पर दबाव‌ डाला है कि अमेरीकी ड्रोन हमलों का कोई मुस्तक़िल हल निकाले।

वाज़िह रहे कि इस मामलें पर दोनों के दरमयान ताल्लुक़ात ख़राब नहीं है।ज़रदारी के तर्जुमान(अनुवादक) फ़र्हत उल्लाह बाबर ने सदर की अमेरीकी वज़ीर-ए-ख़ारजा(विदेश मंत्री) हलारी क्लिन्टन से मुलाक़ात के बाद बताया कि सदर ने कहा है कि पाकिस्तान ड्रोन मामले का मुस्तक़िल हल चाहता है । क्योंकि इस से ना सिर्फ हमारे इक़तिदार आला की ख़िलाफ़वरज़ी है बल्कि इस से लोगों के जज़बात भी भड़कते हैं ।

ब्यान में ये वज़ाहत नहीं की गई कि आख़िर वो हल क्या होगा। जब से 2009 में सदर बराक ओबामा ने सत्ता संभालि है ड्रोन हमले काफ़ी बढ़ गए हैं। अमेरीका पाकिस्तान में जंगजूओं से लड़ने में इस हिक्मत-ए-अमली को बहुत जयादा एहमीयत देता है क्योंकि इस में आमने सामने लड़ना नहीं पड़ता और अमेरीकी फ़ौज को कोई नुक़्सान नहीं होता।

ज़रदारी ने अमेरीका से नवंबर में हुए इस हवाइ हमले के बारे में भी मज़ीद कार्रवाई करने की दरख़ास्त की है जिस में अफ़्ग़ान सरहद के नज़दीक 24 पाकिस्तानी फ़ौजीयों को हलाक कर दिया गया था और बाद में अमेरीका ने कह दिया था कि वो ग़लती से मारे गए हैं। पाकिस्तान ने इस वाक़िया केलिए आला सतही माफ़ी का मुतालिबा किया था । मगर अमेरीका ने अभी तक एसा नहीं किया है।

पाकिस्तानी लीडर ने आख़िरी लमहात में नाटो सरबराह कान्फ्रंस में शिरकत का दावतनामा क़बूल कर लिया था। ये कान्फ्रंस तवील अफ़्ग़ान जंग के बाद नाटो के वहां से निकलने का प्रोग्राम तैयार करने के बारे में हो रही है। इमकान है कि यहां मग़रिबी(पश्विमी) रहनुमा उन पर दबाव‌ डालेंगे कि वो अफ़्ग़ानिस्तान में करज़ई हुकूमत और नाटो फ़ोज‌ पर हमले करने वाले जंगजूओं की लगाम कसे।

पाकिस्तान ये कहता है कि इस ने जंगजूओं के ख़िलाफ़ बहुत लड़ाई की है और इस के सैकड़ों फ़ौजी अपनी जान गंवा चुके हैं। लेकिन एसा लगता है कि ज़रदारी के मुतालिबात मानने के बजाये नाटो लीडर इस बात पर ज़ोर डालेंगे कि पाकिस्तान अफ़्ग़ानिस्तान के लिए नाटो के फ़ौजीयों की रसद का रास्ता फिर से खोल दे।

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