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तख़लीक़ी सफ़र के पच्चास साल ,शगूफ़ा का मुज्तबा हुसैन नंबर मंज़र आम पर

हैदराबाद ।१२। अगस्त : ( रास्त ) : ज़िंदा दिलाँ हैदराबाद के तर्जुमान रिसाला माहनामाशगूफ़ा का अगस्त 2012 का शुमारा अपने अह्द के नामवर-ओ-मुनफ़रद तंज़-ओ-मज़ाहनिगार पद्मश्री मुज्तबा हुसैन के तख़लीक़ी सफ़र के पच्चास साल की तकमील पर ख़ुसूस

हैदराबाद ।१२। अगस्त : ( रास्त ) : ज़िंदा दिलाँ हैदराबाद के तर्जुमान रिसाला माहनामाशगूफ़ा का अगस्त 2012 का शुमारा अपने अह्द के नामवर-ओ-मुनफ़रद तंज़-ओ-मज़ाहनिगार पद्मश्री मुज्तबा हुसैन के तख़लीक़ी सफ़र के पच्चास साल की तकमील पर ख़ुसूसीइशाअत की सूरत में ज़ेर इदारत डाक्टर सय्यद मुस्तफ़ा कमाल शाय हुआ है ।

इस शुमारे में मुज्तबा हुसैन के इन्शाईयों , ख़ाकों , कालमों , रपोरताझ़ , नस्री पैरोडी-ओ-सफरनामा केइंतिख़ाब के इलावा इन का लिखा हुआ ख़ुद वफ़ा त्या शाय किया गया है । मुज्तबा हुसैन की शख़्सियत और फ़न पर प्रोफ़ैसर यूसुफ़ सरमस्त , फ़य्याज़ अहमद फ़ैज़ी , डाक्टर फ़िरोज़ आलम और वाजिद नदीम के तास्सुरात और जनाब सय्यद इमतियाज़ उद्दीन कामर्तबा तवक़्क़ियत नामा मुख़्तलिफ़ मौक़ों की मुंतख़ब तसावीर के साथ शरीक इशाअत है ।

हमा रंगी सर-ए-वर्क़ से मुज़य्यन 90 सफ़हात का ये ख़ुसूसी शुमारा 25 रुपय में यूसुफ़ बुक स्टाल चादर घाट , हिदी बुक डिपो , पुरानी हवेली और ए वन स्टेशनज़स फ़रस्ट लांसर से हासिल किया जा सकता है । यहां ये बात भी काबिल-ए-ज़िकर है कि शगूफ़ा ने 25 सालक़बल 1987 -ए-में 462 सफ़हात पर मुश्तमिल एक यादगार और जामि मुज्तबा हुसैन नंबर भी शाय किया था । शगूफ़ा के तमाम ताज़ा शुमारे shugoofa.com पर देखे जा सकते हैं ।

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