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तन्हा मुक़ाबला का एलान लेकिन हर पार्टी से दरपर्दा मुफ़ाहमत!

इंतिख़ाबात में सियासी जमातों में बाहमी इत्तिहाद और इंतिख़ाबी मुफ़ाहमत कोई नई बात नहीं लेकिन बाअज़ पार्टीयां ऐसी भी हैं जो बज़ाहिर तन्हा मुक़ाबला करने का एलान तो करती हैं लेकिन खु़फ़ीया तौर पर एक से ज़ाइद सियासी जमातों से मुफ़ाहमत की

इंतिख़ाबात में सियासी जमातों में बाहमी इत्तिहाद और इंतिख़ाबी मुफ़ाहमत कोई नई बात नहीं लेकिन बाअज़ पार्टीयां ऐसी भी हैं जो बज़ाहिर तन्हा मुक़ाबला करने का एलान तो करती हैं लेकिन खु़फ़ीया तौर पर एक से ज़ाइद सियासी जमातों से मुफ़ाहमत की जाती है जिस का अवाम को इल्म नहीं होता। रियासत में मुजव्वज़ा लोक सभा और असेंबली इंतिख़ाबात के सिलसिले में तेलुगु देशम और बी जे पी ने खुल कर इंतिख़ाबी मुफ़ाहमत की जबकि कांग्रेस और सी पी आई ने मुफ़ाहमत का एलान किया। वाई एस आर कांग्रेस पार्टी और दीगर जमातें तन्हा मुक़ाबला कर रही हैं।

अवाम के रूबरू ये पार्टीयां तन्हा इंतिख़ाबी मैदान में हैं लेकिन खु़फ़ीया तौर पर किसी ना किसी पार्टी से बाहमी समझौता किया गया ताकि एक दूसरे के मुफ़ादात की तकमील हो सके। इस तरह की सूरते हाल में पार्टी के हक़ीक़ी और संजीदा क़ाइदीन और कारकुनों का नुक़्सान होता है।

यही सब कुछ तेलंगाना में इंतिख़ाबी सरगर्मीयों के दौरान देखने को मिला। खु़फ़ीया मुफ़ाहमत भी अगर किसी एक जमात से की जाए तो फिर भी कुबुल क़ुबूल है लेकिन शहर की एक मुक़ामी जमात ने तो खु़फ़ीया मुफ़ाहमत का मफ़हूम ही तबदील कर दिया है इस ने हर पार्टी से किसी ना किसी इलाक़े में खु़फ़ीया मुफ़ाहमत की ताकि अपने मुफ़ादात की तकमील की जा सके।

बड़ी पार्टीयां इस लिए भी खु़फ़ीया मुफ़ाहमत के लिए तैयार हो जाती हैं ताकि ये जमात अज़ला में उन के वोट बैंक पर असर अंदाज़ ना हो। लोक सभा और असेंबली उम्मीदवारों के इंतिख़ाब के सिलसिले में कई मुक़ामात पर इस तरह की खु़फ़ीया मुफ़ाहमत की इत्तिला मिली है।

इस तरह दीगर पार्टीयों में अक़लीयती क़ियादत को उभरने से रोकने के लिए खु़फ़ीया मुफ़ाहमत ही ज़िम्मेदार है। यही वजह है कि ये पार्टीयां अपने अक़लीयती क़ाइदीन के एहतेजाज को भी अहमीयत नहीं देतीं।

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