Thursday , February 22 2018

तमाम मुतालिबात की तकमील नहीं हो सकती: वज़ीर-ए-दिफ़ा पारीकर

नई दिल्ली: एक रुत्बा , एक वज़ीफ़ा (ओ आर ओ पी) स्कीम के बाक़ायदा आलामिया की इजराई पर एहतेजाजी साबिक़ फ़ौजीयों की बे इतमीनानी के दरमियान वज़ीर-ए-दिफ़ा मनोहर पारीकर ने आज कहा कि जम्हूरियत में हर किसी को मुतालिबा करने का हक़ हासिल है लेकिन तमाम मुतालिबात की तकमील नहीं हो सकती है।

इस बात की निशानदेही करते हुए कि वेटरनस के ज़्यादा-तर मुतालिबात पूरे किए जा चुके हैं, वज़ीर मौसूफ़ ने कहा कि जूडीशल कमीशन जो क़ायम किया जाएगा, वो इन मसाइल का जायज़ा लेगा। पारीकर ने यहां एक तक़रीब के मौक़ा पर कहा, ये जम्हूरीयत है। हर किसी को मुतालिबा करने का हक़ है।

लेकिन आज़म तरीन हद तक & यकसाँ रैंक के लिए यकसाँ पैंशन से मुताल्लिक़ उनका बड़ा मुतालिबा क़बूल किया जा चुका है। बक़िया वो सब कुछ है जिसका हमने ( सितंबर को) ऐलान किया था। इस में से वी आर एस से मुताल्लिक़ उलझन को ख़त्म किया जा चुका है।

TOPPOPULARRECENT