तमिलनाडु के मुसलमानों किया विश्व हिंदू परिषद के रथयात्रा का विरोध, राज्य में माहौल बिगड़ने के आसार!

तमिलनाडु के मुसलमानों किया विश्व हिंदू परिषद के रथयात्रा का विरोध, राज्य में माहौल बिगड़ने के आसार!

विश्व हिंदू परिषद की राम रथ यात्रा मंगलवार को तमिलनाडु पहुंच गई, जहां राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी डीएमके और कुछ मुस्लिम संगठनों ने इस रथ यात्रा का विरोध किया। हालांकि विरोध के बावजूद भी राम रथ यात्रा तमिलनाडु में प्रवेश कर गई। वीएचपी की राम रथ यात्रा तमिलनाडु में तिरुनेलवेली जिले से प्रवेश हुई।

मुस्लिम संगठनों और स्टालिन ने रथ यात्रा का किया विरोध
मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, डीएमके ने राम रथ यात्रा का विरोध किया। पुलिस ने डीएमके नेता एमके स्टालिन को पुलिस हिरासत में ले लिया है।

स्टालिन ने विधानसभा में सरकार से मांग की थी कि राम रथयात्रा को तमिलनाडु में प्रवेश न करने दिया जाए, ताकि राज्य में शांति और सांप्रदायिक सौहार्द्र बना रहे। स्टालिन की इस मांग को ईके पलानिसामी सरकार ने सीरियस नहीं लिया और जब रथ यात्रा तमिलनाडु पहुंची तो उन्होंने इसका विरोध किया।

बताया जा रहा है कि एमके स्टालिन ने और डीएमके के कई विधायकों ने विधानसभा से वॉकआउट किया और उसके बाद पलानिसामी सरकार के ख़िलाफ़ विधानसभा के बार प्रदर्शन और नारेबाज़ी शुरू कर दी। पुलिस ने इसके चलते उन्हें हिरासत में ले लिया है।

आपको बता दें कि 13 फरवरी को अयोध्या से चली इस यात्रा का पहला चरण 25 मार्च को कन्याकुमारी में समाप्त होगा। इसके बाद यात्रा कन्याकुमारी से कश्मीर के लिए रवाना होगी। मंगलवार को जब रथ यात्रा तमिलनाडु में प्रवेश की तो वहां भी इसके विरोध के चलते प्रशासन ने तिरुनेल्वेली में 23 मार्च तक के लिए धारा-144 लगा दी है।

जिले के एसपी डॉ. अरुण शक्तिकुमार ने कहा, ‘हमने धारा-144 के तहत निषेधात्मक आदेश जारी कर दिया है। रथयात्रा को प्रशासन की अनुमति मिली है। ऐसे में यात्रा में व्यवधान पहुंचाने वाले के खिलाफ ऐक्शन लिया जाएगा।’

वीएचपी के मुताबिक, अयोध्या में राममंदिर निर्माण की अलख जगाने के लिए यह यात्रा निकाली जा रही है। यात्रा के लिए महाराष्ट्र के कारीगरों ने 28 स्तंभों वाला रथ तैयार किया है। इसमें प्रस्तावित राम मंदिर ? की प्रतिकृत रखी गई है. रथ के निर्माण में 25 लाख रुपए की लागत आई है।

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