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तलबा को मर्कज़ की प्री मैट्रिक स्कॉलरशिप्स दिलाने के नाम पर रक़म की वसूली

अक़लीयती तलबा के लिए साबिक़ यू पी ए हुकूमत ने अव्वल ता दहम (प्री मैट्रिक स्कालरशिप स्कीम) का आग़ाज़ किया था जिस के तहत सरकारी और ख़ान्गी स्कूलों में ज़ेरे तालीम तलबा को सालाना एक हज़ार ता 5000 रुपये की स्कालरशिप फ़राहम की जा रही है लेकिन सा

अक़लीयती तलबा के लिए साबिक़ यू पी ए हुकूमत ने अव्वल ता दहम (प्री मैट्रिक स्कालरशिप स्कीम) का आग़ाज़ किया था जिस के तहत सरकारी और ख़ान्गी स्कूलों में ज़ेरे तालीम तलबा को सालाना एक हज़ार ता 5000 रुपये की स्कालरशिप फ़राहम की जा रही है लेकिन साल 2013 की स्कालरशिप की रक़म अब तक औलियाए तलबा के अकाऊंट में नहीं आई।

हालाँकि हुकूमत ने अक़लीयतों की तरक़्क़ी और बहबूद के लिए करोड़ों रुपये मुख़तस कर रखे हैं। मर्कज़ी हुकूमत की प्री मैट्रिक स्कालरशिप स्कीम के लिए दरख़ास्तें दाख़िल करने की किसी तारीख़ का अब तक एलान भी नहीं किया गया जबकि मर्कज़ी हुकूमत महकमा अक़लीयती बहबूद या अक़लीयती मालीयाती कार्पोरेशंस ने इस सिलसिले में कोई आलामीया या एलान जारी नहीं किया है।

इस के बावजूद हमारे शहर में कुछ ऐसी रज़ाकाराना तंज़ीमें सरगर्म हो गई हैं जो बाज़ाब्ता सरकारी और ख़ान्गी स्कूलों से रुजू होकर ना सिर्फ़ स्कूल इंतेज़ामीया और ज़िम्मादारान को फॉर्म्स हवाले कर रहे हैं बल्कि फार्मों के इदख़ाल के नाम पर फ़ी तालिबे इल्म 100 ता 110 रुपये वुसूल किए जा रहे हैं।

हालाँकि अब तक मर्कज़ी हुकूमत या इस के इदारों ने दरख़ास्त फ़ार्म का कोई फॉर्मेट भी जारी नहीं किया है। ऐसी ही एक तंज़ीम GRAIN (ग्रास रूट्स ऐक्शण ऐंड इन्फ़ार्मेशन नेटवर्क) पुरानी हवेली है जो इन्ही शराकतदार इदारों सफ़ा बंजारा हिल्ज़, अवाम गोलकुंडा, लोटस हैदराबाद और दीगर दो तंज़ीमों के साथ मिल कर अक़लीयती स्कॉलरशिप्स मुहिम 2014 चला रही है।

वाज़ेह रहे कि मर्कज़ी और रियासती स्कॉलरशिप्स के लिए सरपरस्तों की आमदनी सालाना एक लाख रुपये तक हो। हाज़िरी 75 फ़ीसद और हासिल नंबरात कम अज़ कम 50 फ़ीसद होने चाहीए।

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