Monday , December 11 2017

तलाई सिक्कों की दरआमदात पर पाबंदी बरक़रार

वज़ीर फ़ीनानस पी चित‌म़्बरम ने सोने के सिक्कों और बिस्कुटस की दरआमदात पर आइद पाबंदी की बर्ख़ास्तगी को आज रद कर‌ दिया है और बैंकों को हिदायत की कि इस क़ीमती धात की दरआमद से मुताल्लिक़ रहनुमा ख़ुतूत पर मोअस्सिर अमल आवरी के लिए कड़ी नज़र र

वज़ीर फ़ीनानस पी चित‌म़्बरम ने सोने के सिक्कों और बिस्कुटस की दरआमदात पर आइद पाबंदी की बर्ख़ास्तगी को आज रद कर‌ दिया है और बैंकों को हिदायत की कि इस क़ीमती धात की दरआमद से मुताल्लिक़ रहनुमा ख़ुतूत पर मोअस्सिर अमल आवरी के लिए कड़ी नज़र रखी जाये।

शगून (मुक़द्दस तोहफ़ा) के तौर पर तलाई सिक्कों की दरआमद की इजाज़त दिए जाने से मुताल्लिक़ तजावीज़ का हवाला देते हुए चित‌म़्बरम ने कहा कि तलाई सिक्कों की दरआमदात पर पाबंदी आइद है। कोई भी तलाई सिक्के या बिस्कुटस दरआमद नहीं करसकता।

उन्होंने कहा कि ताजरीन, मुक़ामी बाज़ार से सोना ख़रीद कर बना सकते हैं। लेकिन हुकूमत इन पाबंदी में नरमी नहीं करेगी जो रवां खाते के हिसाब में पाए जाने वाले घाटा को कम करने के लिए आइद की गई हैं। उन्होंने कहा कि बैंकों से कहा गया है कि वो सोने की दरआमद के ज़ाबतों पर सख़्ती से अमल आवरी करें।

गुजिश्ता माली साल के दौरान 845 टन सोने की कसीर मिक़दार दरआमद की गई थी जिस के लिए 88.2 अरब अमेरिकी डालर अदा किए गए थे जो मजमूई घरेलू पैदावार का 4.8 फ़ीसद हिस्सा था। मई में 162.4 टन और सितंबर में 7.2 टन सोना दरआमद किया गया था। हुकूमत को उम्मीद‌ है कि रवां साल सोने की दरआमदात में 800 टन की होगी।

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