Friday , December 15 2017

तस्लीमा नसरीन को कोलकता वापसी की उम्मीद नहीं

कोलकता किताब मेले से अपनी ताज़ा तरीन तसनीफ़ नशदोह को हटा देने और इस पर इमतिना आइद करदेने के पेशे नज़र तस्लीमा नसरीन ने अंदेशा ज़ाहिर किया कि उनके कोलकता वापिस होने की अब कोई उम्मीद बाक़ी नहीं रही।

कोलकता किताब मेले से अपनी ताज़ा तरीन तसनीफ़ नशदोह को हटा देने और इस पर इमतिना आइद करदेने के पेशे नज़र तस्लीमा नसरीन ने अंदेशा ज़ाहिर किया कि उनके कोलकता वापिस होने की अब कोई उम्मीद बाक़ी नहीं रही।

मुतनाज़ा बंगला देशी मुसन्निफ़ तस्लीमा नसरीन ने कहा कि इसी तहदेदात मुसन्निफ़ के लिए हक़ीक़ी मौत से कम नहीं है। एक साल पहले उनकी तसनीफ़ नर बासन को किताब मेले में शामिल करने से इनकार करदिया गया था। उन्होंने अपना एहसास ज़ाहिर किया कि मग़रिबी बंगाल में कुछ भी नहीं बदला और उन्हें कोलकता वापिस आने की अब कोई उम्मीद नहीं है।

उन्होंने कहा कि मग़रिबी बंगाल की हालत बंगला देश की मानिंद है। बंगाल की हुकूमत ने उन्हें नागवार शख्सियत बनादिया है, जिसे बंगाल में दाख़िल होने की इजाज़त नहीं दी जा सकती। उनकी किताबों और टी वी ड्रामा सीरियल्स पर इमतिना आइद करदिया गया । जारीया कोलकता किताब मेले में शिरकत की इजाज़त नहीं दी गई। असासी पी एम के दौर-ए-इक्तदार में भी हुआ था और ममता बनर्जी के बरसर-ए-इक्तदार आने के बाद इनका ख़्याल था कि सूरत-ए-हाल तब्दील होजाएगी लेकिन एसा नहीं हुआ।

कोलकता किताब मेला में उनकी तसनीफ़ नशदोह पर इमतिना आइद होने का अंदेशा है और उन्हें यक़ीन है कि 9 फरवरी को किताब मेले के इख़तेताम तक ये तसनीफ़ वहां मौजूद रहेंगी।

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