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तहवील में सिर्फ़ अक़िलियतों की अम्वात क्यों ?:बंबई हाईकोर्ट

बंबई हाईकोर्ट ने ये एहसास ज़ाहिर किया है कि महाराष्ट्र में तहवील में होने वाली अम्वात सिर्फ़ अक़िलियती फ़िर्क़ा की होरही हैं। जस्टिस वे एम कनाडे और जस्टिस पी डी कूडे़ पर मुश्तमिल डीवीझ़न बेंच ने ये रिमार्क उस वक़्त किया जब वकील युग च

बंबई हाईकोर्ट ने ये एहसास ज़ाहिर किया है कि महाराष्ट्र में तहवील में होने वाली अम्वात सिर्फ़ अक़िलियती फ़िर्क़ा की होरही हैं। जस्टिस वे एम कनाडे और जस्टिस पी डी कूडे़ पर मुश्तमिल डीवीझ़न बेंच ने ये रिमार्क उस वक़्त किया जब वकील युग चौधरी ने अदालत को मतला किया कि3 साला शख़्स की थाने सैंटर्ल जेल में पुर इसरार मौत के मामले में एमीकस क्यूरी (अदालत की मुआवनत करने वाला) के तक़र्रुर का फ़ैसला किया गया है।

अदालत ने ये एहसास ज़ाहिर किया कि तहवील में अम्वात के वाक़ियात मुसलसल पेश आरहे हैं और ऐसा लगता है कि ये अक़िलियती फ़िर्क़ा के मख़सूस अफ़राद के ख़िलाफ़ ही होरहा है। वकील युग चौधरी ने इस बात से इत्तेफ़ाक़ किया और कहा कि उन्होंने जब इस माला की जांच की तो ये पता चला कि अक्सर वाक़ियात मुसलमानों और दलितों के हैं। अदालत ने ये सवाल किया कि महाराष्ट्र में आख़िर ऐसी अम्वात क्यों होरही हैं।

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