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तहफ़्फुज़ात के लिए सियासत की तहरीक-ए-इंसाफ़ पर मबनी

ज़हीराबाद 08 नवंबर: मर्कज़ी सदर सफ़ा बैत-उल-माल एजूकेशनल वेलफेयर एंड चैरिटेबल ट्रस्ट मौलाना ग़यास अहमद रशिदी ने यहां मुस्लिम शादी ख़ाने में तक़सीम वज़ाइफ़ बेवगान-ओ-मुसलमानों की मौजूदा सूरते हाल के ज़ेरे उनवान मुनाक़िदा प्रोग्राम के से ख़िताब करते हुए कहा कि इस हक़ीक़त से कोई इनकार नहीं करसकता के मुल्क में मुस्लमान दुसरे तबक़ात के मुक़ाबिले में पसमांदा क़रार दिए गए हैं।

उस के बावजूद तेलंगाना हुकूमत की तरफ से मुसलमानों की पसमांदगी का जायज़ा लेने के लिए सुधीर कमीशन का क़ियाम के सिवा कुछ भी नहीं है। उन्होंने मुसलमानों को 12 फ़ीसद तहफ़ज़ात की फ़राहमी के अपने इंतेख़ाबी वादे को पूरा करने के लिए बी सी कमीशन की आजलाना तशकील का रियासती हुकूमत से पुरज़ोर मुतालिबा किया।

उन्होंने 12 फ़ीसद मुस्लिम तहफ़्फुज़ात के लिए रोज़नामा सियासत की तरफ से शुरू करदा तहरीक की सफ़ा बैत-उल-माल की मुकम्मिल ताईद-ओ-हिमायत का एलान किया और कहा कि तालीमी-ओ-मआशी पसमांदगी को दूर करने के लिए तहफ़्फुज़ात की फ़राहमी नागुज़ीर है ।
उन्होंने कहा कि रोज़नामा सियासत को ये एज़ाज़ हासिल हैके उसने मिल्लत के मसाइल पर हुकूमत वक़्त से कभी भी समझौता नहीं किया बल्कि बिलाख़ोफ़-ओ-ख़तर मिल्लत के मसाइल को उजागर करने में अखलमनदी से काम लिया।

उन्होंने हसोली तहफ़्फुज़ात तहरीक को इन्साफ़ पर मबनी क़रार देते हुए उसे कामयाबी की मंज़िल तक पहुंचाने के लिए हर इंसाफ़ पसंद शहरी को आगे आने की ज़रूरत ज़ाहिर की।

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