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ताइवान ने चीन की ओर दागी मिसाइल, एक की मौत

बीजिंग: एक ताइवानी युद्धपोत ने आज चीन की ओर एक सुपरसोनिक पोत रोधी मिसाइल दुर्घटनावश दाग दी जो मछली पकडने वाली एक नौका से जाकर टकराई जिससे एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि तीन अन्य घायल हुए. यह घटना ऐसे दिन हुई जब चीन सत्तारुढ कम्युनिस्ट पार्टी की 95वीं वर्षगांठ के जश्न में व्यस्त था.

घरेलू स्तर पर विकसित सिउंग फेंग 3 पोत रोधी मिसाइल कावशिउंग में एक नौसैन्य अड्डे से ऐसे समय में ‘‘दुर्घटनावश दागी” गई जब ताइवान के राष्ट्रपति ताई इंग वेन, जो सशस्त्र बलों के कमांडर इन चीफ भी है, विदेश में थे.तीन सौ किलोमीटर की मारक क्षमता वाली मिसाइल करीब 75 किलोमीटर की यात्रा तय करके ताइवान जलडमरुमध्य में ताइवान शासित एक द्वीप पेंगू के तट पर पानी में आकर गिरी.

ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि मिसाइल एक मछली पकडने वाली ताइवानी नौका से जाकर टकराई जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि तीन अन्य घायल हुए. हांगकांग के समाचार पत्र ‘साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट’ ने ताइवानी नौसेना के वाइस एडमिरल मेई चिया ह्सू के हवाले से कहा, ‘‘परिचालन त्रुटि के कारण मिसाइल दागी गई। हम मामले की जांच कर रहे हैं.” यह पूछे जाने पर कि क्या इस घटना से बीजिंग के साथ गलतफहमी पैदा होने की आशंका है, मेई ने कहा कि नौसेना ने ताइवान के रक्षा मंत्रालय को घटना की जानकारी दे दी है जो परिस्थिति के अनुसार मामले से निपटेगा.

इस बीच चीन में, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना (सीपीसी) की 95वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित एक रैली में राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने अपने भाषण में ताइवान का मुख्य रुप से जिक्र किया और कहा कि वह ताइवान की स्वतंत्रता का मजबूती से विरोध करते हैं.शी ने एक समारोह में कहा, ‘‘हम ताइवान की स्वतंत्रता संबंधी अलगाववादी गतिविधियों का कडा विरोध करते हैं.” उन्होंने कहा, ‘‘1.3 अरब से अधिक चीनी लोग और पूरा चीन किसी भी व्यक्ति की, किसी भी समय और किसी भी तरीके से की गई अलगाववादी गतिविधि को कभी बर्दाश्त नहीं करेगा.” मेई ने कहा कि ताइवान की मिसाइल ने ताइवान जलडमरुमध्य की मध्य रेखा को पार नहीं किया, जिसका अर्थ यह हुआ कि इसका लक्ष्य फजियान प्रांत नहीं था, जो जलडमरुमध्य के दूसरी ओर है.

उन्होंने बताया कि चिनचियांग (पीसीजी-610) गश्ती पोत का ड्रिल इंस्पेक्शन चल रहा था. उस दौरान अधिकारी मानक परिचालन प्रक्रियाओं का पालन करने में असफल रहे और उन्होंने गलती से मिसाइल दाग दी. नौसेना मुख्यालय ने यह स्पष्ट किया कि प्रक्षेपण दुर्घटनावश हुआ चीन वर्ष 1949 के अलगाव के बावजूद ताइवान को अपने देश का हिस्सा मानता है.

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