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तारा को मजहब तब्दील के लिए नहीं किया गया परेशान

क़ौमी राइफल शूटर तारा शाहदेव मामले की जांच कर रहे ओहदेदार ने उसे मजहब तब्दील के लिए ज़ुल्म किए जाने से इन्कार किया है। अदालत में जमा इल्ज़ाम खत में कहा है कि मामला दहेज और मारपीट का बनता है, मजहब तब्दील का नहीं। यह भी लिखा है कि मामले

क़ौमी राइफल शूटर तारा शाहदेव मामले की जांच कर रहे ओहदेदार ने उसे मजहब तब्दील के लिए ज़ुल्म किए जाने से इन्कार किया है। अदालत में जमा इल्ज़ाम खत में कहा है कि मामला दहेज और मारपीट का बनता है, मजहब तब्दील का नहीं। यह भी लिखा है कि मामले की तहक़ीक़ात जारी है।

तारा शाहदेव ने अपने शौहर रंजीत सिंह कोहली उर्फ रकीबुल खान के खिलाफ मामला दर्ज कराते हुए कहा था कि उसे मजहब तब्दील के लिए इस्तहसाल किया गया। इसमें कोहली की वालिदा ने भी साथ दिया। फिलहाल दोनों जेल में हैं। क़ौमी सतह पर नाम इस मामले में परत-दर-परत खुलने के बाद पुलिस-इंतेजामिया से लेकर अदालती अफसरों और लीडरों तक के नाम सामने आ चुके हैं।

हिंदपीढ़ी थाने में दर्ज कांड का तहक़ीक़ात ओहदेदार डेली मार्केट सर्किल के मौजूदा पुलिस सुप्रीटेंडेंट हरिश्चंद्र सिंह को बनाया गया था। उन्होंने इल्ज़ाम में वाजेह कहा है कि मामला मजहब तब्दील का नहीं बनता है।
इल्ज़ाम की बुनियाद परअदालत में अब सिर्फ तारा शाहदेव के गुनहगार रंजीत सिंह कोहली उर्फ रकीबुल खान व उसकी वालिदा कौशल रानी पर दहेज इस्तेहाल का मामला चलेगा। अदालत ने इल्ज़ाम पर नोटिस भी ले लिया है।

चीफ़ अदालती ओहदेदार ने दहेज इस्तेहाल की दफा 498 (ए)/34 में नोटिस लिया है। तहक़ीक़ात ओहदेदार ने भी इसी दफा में अदालत में इल्ज़ाम खत भी दाखिल किया है। इल्ज़ाम खत 24 अक्टूबर को 250 पन्नों में दाखिल किया गया था। इस मामले में 25 अगस्त को दो दीगर दफा भी जोड़ी गई थीं। इसमें एक मजहब को बेज्जत करने और दूसरे मजहब को अपनाने के लिए बाध्य करने से मुतल्लिक़ दफा 295 (ए) और फसाद फैलाने से मुतल्लिक़ दफा 153 को जोड़ा गया था।
कोहली व उसकी वालिदा को 27 अगस्त को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया था और 28 अगस्त को रांची अदालत में पेशी के बाद दोनों को बिरसा मुंडा मरकज़ी जेल भेज दिया गया था। अदालत से दोनों की जमानत दरख्वास्त भी खारिज हो चुकी है। अदालत में इल्ज़ाम तशकील के बिंदु पर सुनवाई के लिए 17 नवंबर की ताखरी मुकर्रर की गई है।

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