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तालिबान के ख़िलाफ़ कार्रवाई पाकिस्तान के तआवुन पर मुनहसर नहीं

वाशिंगटन । 30 नवंबर । ( पी टी आई ) अमरीका ने कहा है कि अफ़्ग़ानिस्तान में तालिबान से मरबूत अस्करीयत पसंदों के ख़िलाफ़ इस के मिल्ट्री ऑपरेशंस में कोई कमी नहीं की जाएगी हालाँकि पाकिस्तान ने नाटो ज़ेर-ए-क़ियादत फोर्सेस को कमक रोक दी है

वाशिंगटन । 30 नवंबर । ( पी टी आई ) अमरीका ने कहा है कि अफ़्ग़ानिस्तान में तालिबान से मरबूत अस्करीयत पसंदों के ख़िलाफ़ इस के मिल्ट्री ऑपरेशंस में कोई कमी नहीं की जाएगी हालाँकि पाकिस्तान ने नाटो ज़ेर-ए-क़ियादत फोर्सेस को कमक रोक दी है क्योंकि सरहद पर हालिया मोहलिक फ़िज़ाई हमले में 24 सिपाहीयों की जान चली गई है ।

पीनटगान के प्रैस सैक्रेटरी जॉर्ज लिटिल ने अख़बारी नुमाइंदों को बताया कि जंगी मसाई जारी है जबकि अमरीकी ओहदेदारों ने कहा कि पाकिस्तान का शमसी हवाई अड्डा ड्रोन हमले अंजाम देने केलिए नागुज़ीर नहीं है । ये पूछने पर कि पाकिस्तान के ज़रीया कमक के बगै़र अफ़्ग़ानिस्तान में अमरीकी और नाटो फोर्सेस कब तक मुहिम अंजाम दे सकेंगे , जॉर्ज ने कहा कि जंगी मसाई पर तवज्जा देने एहमीयत का हामिल है ।

हर कोई जानता है कि हमें अफ़्ग़ानिस्तान में एक दुश्मन का सामना है और अमरीकी मिल्ट्री इस महाज़ पर आगे बढ़ने के लिए तैय्यार है । उन के रिमार्कस की इस एतबार से एहमीयत है क्योंकि लग भग निस्फ़ नाटो फोर्सेस सरबराही पाकिस्तानी राहों से गुज़रती है जो गुज़श्ता अवाख़िर हफ़्ता के जान लेवा फ़िज़ाई धावे के बाद हकूमत-ए-पाकिस्तान की जानिब से बंद करदी गई है ।

इस हमले के बाद ईस्लामाबाद ने अमरीका पर ज़ोर दिया है कि अंदरून 15 यौम बलोचिस्तान के शमसी हवाई अड्डे का तख़लिया करदे, जो समझा जाता है कि अंदरून पाकिस्तान मौजूद अस्करीयत पसंदों के ख़िलाफ़ ड्रोन ऑपरेशंस केलिए इस्तिमाल किया जाता रहा है । दूरदराज़ के इलाक़े में वाक़्य शमसी अरबीस बताया जाता है कि सी आई ए की जानिब से ड्रोन सैंटर के तौर पर इस्तिमाल किया गया

लेकिन अमरीकी ओहदेदारों का कहना है कि ये ऑपरेशंस लेत-ओ-लाल में नहीं पड़ेंगे चाहे ईस्लामाबाद इस कलीदी अड्डे से अमरीकीयों को हटाने के फ़ैसले पर अमल क्यों ना करे। अमरीकी ओहदेदार ने कहा कि अगर पाकिस्तान इस अड्डे को बंद करने के मुआमले में अपनी धमकी पर वाक़ेअतन अमल करता है तो अमरीकी फोर्सेस केलिए कोई ज़्यादा परेशानी नहीं होगी क्योंकि वो फिर भीअफ़्ग़ानिस्तान से अपना ऑप्रेशन जारी रख सकेंगे और वहां से पाकिस्तान के हदूद में मौजूद तालिबान से मरबूत ग्रुपों को निशाना बनाएंगे ।

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