Saturday , December 16 2017

तालिबान से मुज़ाकरात का टाइम फ्रे़म नहीं दे सकते

वज़ीरे आज़म नवाज़ शरीफ़ के मुशीर बराए उमूर ख़ारिजा और क़ौमी सलामती सरताज अज़ीज़ का कहना है कि हुक्काम की कोशिश है कि मुज़ाकरात के ज़रीए हुकूमती अमलदारी क़ायम हो। तालिबान के साथ मुज़ाकरात का कोई टाइम फ्रे़म नहीं दे सकते।

वज़ीरे आज़म नवाज़ शरीफ़ के मुशीर बराए उमूर ख़ारिजा और क़ौमी सलामती सरताज अज़ीज़ का कहना है कि हुक्काम की कोशिश है कि मुज़ाकरात के ज़रीए हुकूमती अमलदारी क़ायम हो। तालिबान के साथ मुज़ाकरात का कोई टाइम फ्रे़म नहीं दे सकते।

यहां मीडिया से गुफ़्तगु करते हुए अज़ीज़ ने कहा कि तालिबान पाकिस्तानी हुकूमत की रिट को चैलेंज कर रहे हैं। हुकूमत अपनी रिट क़ायम कर के रहेगी, ज़रूरत हुई तो ऐक्शन भी होगा। यूरोपीय यूनीयन या किसी और मुल्क को तालिबान के हवाले से कोई शर्त रखने की ज़रूरत नहीं। हमारी अपनी पालिसी बहुत वाज़ेह और जामे है।

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