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तालिबे इल्म का पता नहीं, असातेज़ा की पोस्टिंग

रांची 6 जुलाई : रियासत के देहि इलाके के सरकारी हाई स्कूलों में तालिबे इल्म हैं, तो वहां असातेज़ा की कमी है। वहीं शहरी इलाके के स्कूलों में जहां तालिबे इल्म की तादाद कम है, वहां असात्ज़ा की तादाद ज्यादा है। शहरी इलाके के कई स्कूलों म

रांची 6 जुलाई : रियासत के देहि इलाके के सरकारी हाई स्कूलों में तालिबे इल्म हैं, तो वहां असातेज़ा की कमी है। वहीं शहरी इलाके के स्कूलों में जहां तालिबे इल्म की तादाद कम है, वहां असात्ज़ा की तादाद ज्यादा है। शहरी इलाके के कई स्कूलों में जहां पहले से असात्ज़ा थे, वहां भी असात्ज़ा का पोस्टिंग किया गया है। तालीम महकमा ने अस्सत्ज़ा का ट्रांसफर आम नियमों की अनदेखी कर किया। जिस स्कूल में उर्दू का एक भी तालिब इल्म नहीं है, वहां उर्दू के असात्ज़ा की मुन्तक़्लि कर दिया गया।

गौरीदत्त मंडेलिया हाई स्कूल में उर्दू पढ़ने वाला एक भी तालिबे इल्म नहीं है। गुजिस्ता दिनों रियासत में हाई स्कूल के 54 असात्ज़ा की मुन्तक़्लि किया गया। गौरीदत्त मंडेलिया हाई स्कूल में श्री नारायण हाई स्कूल बरकाकाना की टीचर शमशी बेगम का मुन्तक़्लि किया गया। तालीम महकमा ने मुन्तक़्लि के पहले जिला तालीम ओहदेदार दफ्तर से कोई राय मशवरा नहीं किया। महकमा ने यह भी जानने की कोशिश नहीं किया कि स्कूल में असात्ज़ा की जरुरत है कि नहीं।

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