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तालिमाते मुहम्मदी (स.) पर अमल से आला मुक़ाम

हम्नाबाद, 08 फरवरी: हुज़ूर सरवरे कायनात की तालिमात को अपनाकर इंसान आला-ओ-अर्फ़ा मुक़ाम‌ पर फ़ाइज़ होसकता है। लिहाज़ा आज उम्मते मुस्लिमा की ज़िम्मेदारी है कि बिरादराने आलम और बिरादराने वतन को इस्लाम की दावत पहुंचाई जाये क्योंकि ये उम्म

हम्नाबाद, 08 फरवरी: हुज़ूर सरवरे कायनात की तालिमात को अपनाकर इंसान आला-ओ-अर्फ़ा मुक़ाम‌ पर फ़ाइज़ होसकता है। लिहाज़ा आज उम्मते मुस्लिमा की ज़िम्मेदारी है कि बिरादराने आलम और बिरादराने वतन को इस्लाम की दावत पहुंचाई जाये क्योंकि ये उम्मते मुहम्मदिया तमाम इंसानों पर गवाह बनाई गई है।

इन ख़्यालात का इज़हार मौलाना-ओ-हाफ़िज़ मुहम्मद फ़य्याज़ुद्दीन क़ासमी नाज़िम मदरसा नूरुल उलूम नूरखां अखाड़ा हम्नाबाद ने मौज़ा होडगी ताल्लुक़ा हम्नाबाद में मुनाक़िदा जलसा सीरतुन्नबी-ओ-इस्लाही मुआशरे से ख़िताब करते हुए किया। इजलास का आग़ाज़ हाफ़िज़ शमसुल हक़ और दीगर की क़िराते कलाम पाक से हुआ।

नाते मुहम्मद हम्माद कुरैशी ने पेश की। निज़ामत के फ़राइज़ मौलाना रहबर क़ासमी ने अंजाम दिये। बादअज़ां इजलास से मौलाना अतीक़ुर्रहमान क़ासमी ने ख़ुसूसी ख़िताब किया। सदारती ख़िताब मौलाना एम मुज़म्मिल ने किया। मौलाना ख़ुसूसन इस्लाही मुआशरे पर ख़िताब करने के लिए मक़बूलियत रखते हैं।

इस मौक़े पर अहले इन होडगी के इलावा अतराफ़-ओ-अकनाफ़ से कसीर तादाद में बिरादराने मिल्लत शरीक रहे। ख़वातीन के लिए पर्दे का अलेहदा इंतेज़ाम किया गया था। मुंतज़मीन इजलास में हाफ़िज़ मुहम्मद ख़्वाजा, मुहम्मद सलाहुद्दीन के इलावा दीगर नौ जवाने मिल्लत होडगी ने जोश-ओ-ख़ुरोश से हिस्सा लिया। इजलास रात देर गए इख़तेताम पर पहुंचा।

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