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तालीम रफअत व बुलंदी और फ्लाह की जमानत है : शेख जफरउल हसन मदनी

तालीम हर मैदान में ज़िल्लत व पसंदगी है, इन खयालात का इज़हार शेख जफरउल हसन मदनी ने एक कोन्फ्रेंस में किया। ये कोन्फ्रेंस अल फ्लाह एजुकेशनल सोसाइटी के जेरे एहतेमाम बड़ा सोना कोड में मुनक्कीद हुयी थी। इस में तालीम की अहमियत व अफ़ादियत पर

तालीम हर मैदान में ज़िल्लत व पसंदगी है, इन खयालात का इज़हार शेख जफरउल हसन मदनी ने एक कोन्फ्रेंस में किया। ये कोन्फ्रेंस अल फ्लाह एजुकेशनल सोसाइटी के जेरे एहतेमाम बड़ा सोना कोड में मुनक्कीद हुयी थी। इस में तालीम की अहमियत व अफ़ादियत पर बहस करते हुये शेख जफरउल हसन मदनी ने कहा की तालीम रफअत व बुलंदी और फ्लाह की जमानत है। इस कोन्फ्रेंस में मुल्क व बाइरून मुल्क के नामुर व मशाहीर ओलमाये किराम मौजूद थे। शदीद बारीश के सबब ये कोन्फ्रेंस गाँव की जमा मस्जीद में हुयी जहां मौलाना सनाउल्लाह मदनी पीस टीवी मुंबई, डॉक्टर अहसन अलहदिया सल्फ़ी, शेख जुनेद आलम मकी बनारस, मौलाना मुश्ताक कासमी मौजूद थे।

इस मौके पर मौलाना सनाउल्लाह मदनी ने बच्चों की तालीम व तरबियत के ताल्लुक से खिताब करते हुये कहा की बच्चों की सही तालीम व तरबियत के लिए माँ का नेक होना ज़रूरी है। उन्होने कई वाकियात व हदिसा पेश करते हुये मौजू की मुकम्मील वजाहत की और साबित किया की माँ की गोद बच्चों के लिए पहला मदरसा हुया करती है जबकि शेख जुनेद आलम मकी ने दिनी व असरी तालीम का इंतेजाज इमकानात व फवाईद पर तफसील से गुफ्तगू करते हुये बताया की दिनी उलूम के एहेदाफ व मकासिद को बरकरार रखते हुये असरी उलूम की गुंजाइश है ताकि उलूम दीनिया की शबाहत बाक़ी रहे और असरी उलूम से वक़्त की तलाफ़ी की जा सके।

सेक्रेटरी अल फ्लाह एजुकेशन सोसाइटी मोहम्मद असलम अंसारी ने अदारा से मुतल्लिक़ तफसील बताते हुये कहा की अल फ्लाह एजुकेशन सोसाइटी एक तालीमी तंजीम है, जिसके तहत जामिया मोहम्मदीया व कलिया उम्मुल खैर कायम है। जहां इस्लामियत व दीनियात और अरबी उलूम के साथ साथ अंग्रेज़ी व साइंस की तालीम का हसीन इमतेजाज और बेहतरीन इंतेजाम है। अदारा के क़याम के मकासिद ज़ाहिर करते हुये मिस्टर अंसारी ने बताया की दिनी माहौल में असरी तालीम और असरी तक़ाज़ों की तकमील के लिए दिनी तालीम व तरबियत का प्लान है जिस में आदरा को कामयाबी मिली है।

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