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तिलंगाना तहरीक में मज़ीद सरगर्म रोल अदा करने मुस्लमानों को मश्वरा

हैदराबाद। 22 सितंबर ( सियासत न्यूज़) अलहदा तिलंगाना मसला पर जमात-ए-इस्लामी की जानिब से मुनाक़िदा गोल मेज़ कान्फ़्रैंस में मुक़र्ररीन ने तिलंगाना तहरीक में मुस्लमानों को मज़ीद सरगर्म हिस्सा लेने का मश्वरा दिया और कहा कि तलंगाना की तशकी

हैदराबाद। 22 सितंबर ( सियासत न्यूज़) अलहदा तिलंगाना मसला पर जमात-ए-इस्लामी की जानिब से मुनाक़िदा गोल मेज़ कान्फ़्रैंस में मुक़र्ररीन ने तिलंगाना तहरीक में मुस्लमानों को मज़ीद सरगर्म हिस्सा लेने का मश्वरा दिया और कहा कि तलंगाना की तशकील के बाद सब से ज़्यादा फ़ायदा मुस्लमानों का ही होगा । कान्फ़्रैंस में तलंगाना जागृति की सदर कवीता ने जमात-ए-इस्लामी से रास्त तौर पर तलंगाना तहरीक में शामिल होने की अपील की और कहा कि मौजूदा सूरत-ए-हाल में जमात-ए-इस्लामी को बहैसीयत जमात तहरीक से वाबस्ता होजाना चाहीए । ताहाल जमात-ए-इस्लामी की तंज़ीम एम पी जे तलंगाना तहरीक में हिस्सा ले रही है ।इस तजवीज़ पर अमीर जमात-ए-इस्लामी आंधरा प्रदेश जनाब ख़्वाजा आरिफ़ उद्दीन ने बताया कि जमात के 150यूनिट्स को तलंगाना तहरीक में हिस्सा लेने की हिदायत दी गई है और जमात इस तहरीक में आगे है । उन्हों ने बहैसीयत जमात हिस्सा लेने तजवीज़ पर मुसबत रद्द-ए-अमल का इज़हार करते हुए तलंगाना क़ाइदीन को मश्वरा दिया कि वो तहरीक को कमज़ोर होने ना दें । टी आर इसके रुकन असैंबली के तारिक रामा राव ने कहा कि असली हैदराबाद के वारिस तलंगाना तहरीक के साथ है । बाअज़ गोशों की जानिब से गुमराह कुन प्रोपगंडा किया जा रहा है कि मुस्लमान तहरीक से दूर हैं । उन्हों ने कहा कि जमात-ए-इस्लामी और एम पी जे की जानिब से तिलंगाना की तमाम जमातों को एक प्लेटफार्म पर लाने की जो मसाई की है वो काबिल-ए-सताइश है । रामा राव ने कहा कि जवाइंट ऐक्शण कमेटी की तशकील के वक़्त तलगोदीशम क़ाइदीन शरीक थे और उन्हों ने किसी भी क़ुर्बानी के लिए तैय्यार रहने केलिए ऐलान किया था लेकिन जब क़ुर्बानी देने का वक़्त आया तो वो जे ए सी से अलहदा होगए । के टी आर ने कहा कि तलंगाना की तशकील में अहम रुकावट तलंगाना के अवामी नुमाइंदे हैं । राजगोपाल और दूसरे सीमा आंधरा सरमाया दारों से ज़्यादा नुक़्सान तलंगाना के अवामी नुमाइंदों से पहुंचा है । रामा राॶ ने मश्वरा दिया कि पुराने शहर केलिए अलहदा जवाइंट ऐक्शण कमेटी तशकील देते हुए मुस्लमानों को मुतहर्रिक किया जाय । उन्हों ने मुक़ामी सयासी जमात के बार बार बदलते मौक़िफ़ को अफ़सोसनाक क़रार दिया और सवाल किया कि कितने दिन तक दीवार की बिललि बने रहेंगे । उन्हों ने कहा कि मुक़ामी जमात हैदराबाद को मर्कज़ी ज़ेर-ए-इंतिज़ाम इलाक़ा बनाने की इस लिए मुख़ालिफ़त कररही है क्योंकि इस में ऐम ईल अज़ और ऐम पेज नहीं होते । उन्हों ने बताया कि तलंगाना की तशकील के बाद मुस्लमानों की सयासी नुमाइंदगी में इज़ाफ़ा होगा और फ़ैसला साज़ी में इन का अहम रोल होगा । तलंगाना जागृति की सदर कवीता ने कहा कि मुस्लमान तहरीक के साथ शरीक हैं । सीमा आंधरा का मीडीया मुख़ालिफ़ प्रोपगंडा कररहा है । तलगोदीशम के सीनीयर क़ाइद देवेंद्र गौड़ ने बताया कि पुराने शहर के धर्मा वन्त और सिटी कॉलिजस में इन की तालीम हुई है और वो अक़ल्लीयतों के मसाइल से अच्छी तरह वाक़िफ़ हैं । मुस्लमानों के मसाइल मसाजिद और क़ब्रिस्तान ही नहीं जिस तरह के सयासी जमातों के पास आम तास्सुर है । उन्हों ने कहाकि अगर तलंगाना तशकील नहीं पाएगा तो ये जमहूरीयत पर एक दाग़ है । क्योंकि मर्कज़ ने पार्लीमैंट में तलंगाना के हक़ में ब्यान दिया था । उन्हों ने कहा कि तलंगाना मसला पर हर जमात सयासी खेल खेल रही है और इस की बक़ा केलिए ये ज़रूरी है । उन्हों ने कहा कि एक ऐसी तंज़ीम होनी चाहीए जो तमाम जमातों के क़ाइदीन को मुत्तहिद करसके । उन्हों ने मुस्लमानों को तहरीक में अहम रोल अदा करने का मश्वरा देते हुए कहा कि जो क़ौम बरसों तक हाकिम थी आज मह्कूम होचुकी है । कांग्रेस के सीनीयर क़ाइद और साबिक़ वज़ीर टी जीवन रेड्डी ने कहा कि तलंगाना के आंधरा प्रदेश में इंज़िमाम के बाद मुस्लमानों से नाइंसाफ़ीयां हुई हैं ।उन्हों ने कहा कि असली हैदराबाद तो पुराना शहर है और यहां की अवाम तहरीक के साथ है । हैदराबाद की सॉफ्टवेर कंपनीयों में मुस्लिम नुमाइंदगी एक फ़ीसद भी नहीं है । उन्हों ने तलंगाना तशकील मसला पर मुज़ाकरात को ग़ैर ज़रूरी क़रार दिया और कहा कि आख़िर कितनी मर्तबा राय हासिल की जाएगी । 7 डसमबर को असैंबली में तमाम जमातों ने तलंगाना के हक़ में राय ज़ाहिर की थी । तलगोदीशम के साबिक़ वज़ीर वजए रामा राॶ ने कहा कि कांग्रेस और तलगोदीशम में आंधरा से ताल्लुक़ रखने वाले क़ाइदीन तलंगाना की मुख़ालिफ़त कररहे हैं । हमें सोनचना होगा कि तलंगाना के हुसूल में हम नाकाम क्यों है । वेजए रामा राव ने कहा कि फ़ज़ल अली कमीशन ने 1957-और 1962-के दो असैंबली इंतिख़ाबात के बाद आंधरा प्रदेश में बरक़रारी या अलहदा तलंगाना की बहाली के फ़ैसले का इख़तियार दिया था । उन्हों ने तहरीक के पुरतशदुद होने के अंदेशों का इज़हार करते हुए कहा कि हुकूमत को चाहीए कि सूरत-ए-हाल बिगड़ने से पहले अलहदा तलंगाना के हक़ में फ़ैसला करे । गोल मेज़ कान्फ़्रैंस में शिरकत और मुबाहिस में हिस्सा लेने वालों में तलगोदीशम रुकन असैंबली ईल रमना हामिद मुहम्मद ख़ान सदर एम पी जे मुहम्मद मुश्ताक़ मलिक सदर मुस्लिम जे ए सी इक़बाल अहमद इंजनीयर तारिक़ कादरी प्रोफ़ैसर रहीम उद्दीन कमाल सदर अक़ल्लीयती सेल टी आर ऐस मुहम्मद महमूद अली के ऐम आरिफ़ उद्दीन डाक्टर चिरंजीवी मुनीर उद्दीन मुजाहिद टी आर ऐस अक़ल्लीयती क़ाइद शब्बीर अहमद कांग्रेस क़ाइद इसमईल अलरब अंसारी सलाह उद्दीन लोधी रहीम उल्लाह ख़ान नियाज़ी इनायत अली बाक़िरी सितार मुजाहिद मुजाहिद हाश्मी और दूसरे शामिल हैं । सैक्रेटरी राबिता जमात-ए-इस्लामी मुहम्मद अज़हर उद्दीन नाज़िम ज़िला हैदराबाद ख़ालिद मुबश्शिर अलज़फ़र और वीलफ़ीर पार्टी के सदर मुईन उद्दीन ने मुआवनत के फ़राइज़ अंजाम दिए ।

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