Thursday , December 14 2017

तीस्ता सीतलवाड की दरख़ास्त ज़मानत क़बल अज़ गिरफ़्तारी मुस्तरद

मुंबई: सी बी आई की एक ख़ुसूसी अदालत ने समाजी कारकुन तीस्ता सीतलवाड और उनके शौहर की दरख़ास्त ज़मानत क़बल अज़ गिरफ़्तारी को आज मुस्तरद कर दिया जो मर्कज़ से लाज़िमी मंज़ूरी के बगै़र बैरूनी ममालिक से अपनी कंपनी को मुबय्यना तौर पर 1.8 करोड़ रुपये की वसूली के ज़िमन में सी बी आई की तरफ़ से दायर करदा मुक़द्दमे के पेशे नज़र दायर की गई थी।

ख़ुसूसी जज अनीस ख़ान ने दरख़ास्त मुस्तरद करते हुए कहा कि ज़मानत क़बल अज़ गिरफ़्तारी की दरख़ास्त मुस्तरद की जाती है। तीस्ता सीतलवाड और उन के शौहर जावेद आनंद ज़मानत केलिए 17 जुलाई को अदालत से रुजू हुए थे। तीस्ता ने अदालती हुक्म की इजराई के फ़ौरी बाद अदालत से कहा कि उन्हें सदमा पहुंचा है ।

उन्होंने कहा कि मुझे इस फ़ैसले पर अफ़सोस हुआ है क्योंकि ये एक मामूली जुर्म था मेरे हमदर्दों का एहसास है कि ये दरअसल (हुकूमत की जानिब से ) मुझे डराने और ग़ालिबन हमें ताक़त के ज़रिए ख़त्म करने की कोशिश है। सी बी आई ने तीस्ता सीतलवाड को क़ौमी सलामती केलिए एक ख़तरा क़रार देते हुए 8 जुलाई को इन दोनों के ख़िलाफ़ एक मुक़द्दमा दर्ज किया था जिस में उनकी कंपनी सबरंग कम्युनिकेशन‌ ऐंड पबलीशिंग प्राईवेट लिमेटेड ने बैरूनी अतयात के ज़ाबतों से मुताल्लिक़ क़ानून की ख़िलाफ़वरज़ी करते हुए 2.9 लाख अमरीकी डालर (.8 करोड़ रुपये ) हासिल किए थे।

इस दौरान तीस्ता और उन के शौहर को बंबई हाईकोर्ट ने 17 दिन की उबूरी राहत दी और 10 अगस्त तक गिरफ़्तार ना करने का हुक्म दिया।

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