Monday , January 22 2018

तुर्कमानिस्तान, अफ़्ग़ानिस्तान, पाकिस्तान और हिन्दुस्तान गैस पाइप

तुर्कमानिस्तान, अफ़्ग़ानिस्तान, पाकिस्तान और हिन्दुस्तान गैस पाइपलाइन के लिए कन्सोरेशिय‌म के इंतेख़ाब का अमल जारी है। उससे पूरा होने के बाद इमकान है कि ये प्रोजेक्ट‌ 2017-18 तक मुकम्मल कर लिया जाएगा।

तुर्कमानिस्तान, अफ़्ग़ानिस्तान, पाकिस्तान और हिन्दुस्तान गैस पाइपलाइन के लिए कन्सोरेशिय‌म के इंतेख़ाब का अमल जारी है। उससे पूरा होने के बाद इमकान है कि ये प्रोजेक्ट‌ 2017-18 तक मुकम्मल कर लिया जाएगा।

वज़ारते ख़ारिजा के नायब मोतमिद (यूरेशिया) अजय‌ बिसारिया ने एक प्रोग्राम के मौक़े पर अलाहदा तौर पर प्रेस कान्फ्रेंस से ख़िताब करते हुए कहा कि तापी गैस पाइपलाइन का अमल कनसोरेशिय‌म के इंतेख़ाब के सिलसिले में और‌ जारी है जो पाइपलाइन की तामीर करेगा।

कन्सोरेशिय‌म का इंतेख़ाब हो जाने पर पाइपलाइन की तामीर 2017-18 तक मुकम्मल होजाएगी। उन्होंने पुरज़ोर अंदाज़ में कहा कि एक ज़्यादा वसीतर मआशी ताल्लुक़ात वसती एशिया के साथ क़ायम करना ज़रूरी है।

उन्होंने कहा कि बराहे अफ़्ग़ानिस्तान-पाकि‍स्तान एक मआशी राहदारी क़ायम करने का मामला तवील मुद्दती बुनियाद पर जाइज़ा लेना है।
उन्होंने कहा कि तेल और गैस के इलावा हिन्दुस्तान के कई मक़ासिद हैं।

ये तहज़ीबी रवाबित का भी मामला है जैसे कि बुनियाद परस्त मुल्कों पर ग़ालिब आना आख़िर हम उमीद करते हैं कि वस्त एशिया के साथ मआशी ताल्लुक़ात क़ायम होजाएंगे। उन्होंने कहा कि ये एक मजबूरी है कि हिन्दुस्तान और वस्त एशिया के बीच‌ रास्त रब्त क़ायम नहीं किया जा सकता। मुख़्तसर रास्ता अफ़्ग़ानिस्तान और पाकिस्तान के ज़रिये से ही मुम्किन है।

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