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तुर्की से डरा इजरायल, अपने नागरिकों को तुर्की जाने से मना किया

इजरायल के पर्यटन मंत्री ने साथी इजरायलियों को तुर्की यात्रा नहीं करने के लिए कहा, क्योंकि गाजा में 50 से अधिक फिलीस्तीनी लोगों की मौतों के चलते दोनों देशों के बीच एक राजनयिक तनाव आ गया है।

डेली सबाह की खबरों के अनुसार आधिकारिक तुर्की आंकड़ों के मुताबिक तुर्की हमेशा से इस्रैलियों के लिए घूमने का एक प्रसिद्द स्थान रहा है। 2017 में तुर्की में 380,000 इज़राइलियों ने भ्रमण किया था। 10 साल पहले तुर्की में एक ही साल में 550,000 से अधिक इसरायली लोगों ने देश के विभिन्न पर्यटन स्थलों का भ्रमण किया था।

इसरायली पर्यटन मंत्री यारिव लेविन ने गुरुवार को कहा की ” मै स्पष्ट रूप से यह कह रहा हूँ की तुर्की मत जाओ। दोनों देशों के बीच राजनीतिक तनाव देखने को मिल रहा है और यह सोमवार को यूएस एम्बेसी के जेरुसलम में शिफ्ट होने के बाद से अधिक गहरा होता जा रहा है। जिसके बाद तुर्की ने देश में इसरायली एम्बेसी को वापस इजराइल भेज दिया और इजराइल से अपने तुर्की के दूत को भी वापस देश में बुला दिया।

सोमवार को गाजा में फिलिस्तीनियों के साथ हुई हिंसा के बाद राष्ट्रपति एर्दोगान काफी दुखी हुए। उन्होंने एक ट्वीट भी किया था की इजरायल ने “नरसंहार” किया है और एर्दोगान को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा की “नेतान्याहू के हाथ फिलिस्तीनियों के खून से रंगे हैं।

डेली सबाह की खबरों के अनुसार लेविन ने कहा कि इज़राइल तुर्की के साथ व्यापार संबंधों को संरक्षित रखने में रूचि रखता था। ये लिंक हमारे लिए अच्छे हैं और उनके लिए अच्छा है। तुर्की और इज़राइल ने दो साल पहले एक राजनयिक स्थिरता के छह साल बाद राजनयिक संबंध बहाल किए थे।

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