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तृणमूल कांग्रेस आज त्रिवेदी की बरतरफ़ी पर क़ायम

तृणमूल कांग्रेस ने तवक़्क़ो ज़ाहिर की है कि वज़ीर रेलवे दिनेश त्रिवेदी की बरतरफ़ी के मुआमले में वो अपने अह्द पर क़ायम रहेगी। दूसरी तरफ़ दिनेश त्रिवेदी भी सख़्त मौक़िफ़ पर क़ायम है और उन्होंने कहा कि रेलवेज़ किसी की जागीर नहीं।

तृणमूल कांग्रेस ने तवक़्क़ो ज़ाहिर की है कि वज़ीर रेलवे दिनेश त्रिवेदी की बरतरफ़ी के मुआमले में वो अपने अह्द पर क़ायम रहेगी। दूसरी तरफ़ दिनेश त्रिवेदी भी सख़्त मौक़िफ़ पर क़ायम है और उन्होंने कहा कि रेलवेज़ किसी की जागीर नहीं।

तृणमूल कांग्रेस ज़राए ने कहा कि पार्टी सरबराह-ओ-चीफ़ मिनिस्टर मग़रिबी बंगाल ममता बनर्जी का ये एहसास है कि कांग्रेस क़ियादत और वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह ने उन्हें जो तीक़न दिया है, इस पर अमल करते हुए कल त्रिवेदी को वज़ारत रेलवे से बरतरफ़ कर देंगे।

बताया जाता है कि त्रिवेदी को वज़ारत रेलवे से हटाकर मुकुल राय को इनका जांनशीन बनाने से कांग्रेस क़ियादत ने अतक़ाक़ कर लिया और कहा था कि मर्कज़ी बजट पेश होने के दो दिन बाद ऐसा किया जाएगा। ज़राए ने कहा कि ममता बनर्जी ने अगरचे क़तई मोहलत नहीं दी है लेकिन वो समझती हैं कि वज़ीर रेलवे को कल हटा दिया जाएगा।

दूसरी तरफ़ दिनेश त्रिवेदी ने दिल्ली में अख़बारी नुमाइंदों से बातचीत करते हुए कहा कि वो अपनी वज़ारत से चिमटे रहना नहीं चाहते, लेकिन वो अपनी ज़िम्मेदारीयों से फ़रार इख्तेयार करना भी नहीं चाहते। इनके इस्तीफ़े के बारे में कोई भी फ़ैसला वज़ीर-ए-आज़म को करना है। इनकी वज़ारत के साथ किसी भी तरह की सियासत नहीं होनी चाहीए।

रेलवे किसी की जागीर नहीं है। क़ब्लअज़ीं दिनेश त्रिवेदी ने इसरार किया था कि ममता बनर्जी को तहरीरी तौर पर उन्हें मुस्ताफ़ी होने की हिदायत देनी चाहीए। उन्होंने कहा कि वो ममता बनर्जी का काफ़ी एहतेराम करते हैं और वो एक अच्छी शख़्सियत हैं।

उन्होंने कहा कि मुस्ताफ़ी होने में इनके लिए कोई मसला दरपेश नहीं है। वो ममता बनर्जी के लिए अपने दिल में ख़ास मुक़ाम रखते हैं। वो एक अज़ीम क़ाइद हैं और उनका ये दावा भी दरुस्त है कि रेलवे किरायों में इज़ाफ़ा के फ़ैसला से क़ब्ल इन (ममता) से राय लेनी चाहीए थी, लेकिन रोज़ाना मुरासलत नहीं की जा सकती।

इसकी वजह से उलझन ज़रूर पैदा हुई है और सुदीप बंदोपाध्याय (टी एमसी रुकन पार्लीमान) पार्लीमेंट में ख़िताब ना करते तो ये उलझन मज़ीद बढ़ जाती। उन्होंने कहा कि पार्लीमेंट की तक़दीस का भी लिहाज़ रखना ज़रूरी है। उन्होंने बताया कि लोक सभा में बंदोपाध्याय ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस ने वज़ीर रेलवे को मुस्ताफ़ी होने की हिदायत नहीं दी है।

ये सयासी तनाज़ा उस वक़्त मज़हकाख़ेज़ शक्ल इख्तेयार कर गया जब लोक सभा में पार्टी चीफ़ विहिप कल्याण बनर्जी ने त्रिवेदी से मुस्ताफ़ी होने की ख़ाहिश की जिस पर त्रिवेदी ने ममता बनर्जी से तहरीरी तौर पर हिदायत तलब की। 61 साला त्रिवेदी को रेल बजट में मुसाफ़िरैन के किरायों में इज़ाफ़ा पर पार्टी की ब्रहमी का सामना है, लेकिन वो अपने मौक़िफ़ पर क़ायम हैं और उनका ये इस्तेदलाल है कि पार्लीमेंट में बजट मंज़ूर कराना उन की दस्तूरी ज़िम्मेदारी है।

त्रिवेदी ने कहा कि रेल बजट पर मुबाहिस का जवाब देंगे। ममता बनर्जी ने कोलकता में अख़बारी नुमाइंदों से बातचीत करते हुए कहा कि उन्हें जो कहना था वो पहले ही कह चुकी हैं। इस तरह उन्होंने किसी भी फ़ैसले के ताल्लुक़ से वज़ीर-ए-आज़म को जवाबदेह बना दिया।

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