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तृणमूल कांग्रेस हुकूमत की ताईद ( समर्थन) से दस्तबरदार वुज़रा मुस्ताफ़ी

नई दिल्ली, ‍२२ सितंबर ( पी टी आई ) यू पी ए हुकूमत को आज उस वक़्त राह नसीब हुई जब समाजवादी पार्टी ने तृणमूल कांग्रेस की जानिब से यू पी ए से अलैहदगी के बाद हुकूमत की ताईद ( समर्थन) का ऐलान कर दिया । तृणमूल कांग्रेस ने हुकूमत की ताईद से दसतबर

नई दिल्ली, ‍२२ सितंबर ( पी टी आई ) यू पी ए हुकूमत को आज उस वक़्त राह नसीब हुई जब समाजवादी पार्टी ने तृणमूल कांग्रेस की जानिब से यू पी ए से अलैहदगी के बाद हुकूमत की ताईद ( समर्थन) का ऐलान कर दिया । तृणमूल कांग्रेस ने हुकूमत की ताईद से दसतबरदारी इख़तियार कर ली और इसके वुज़रा ( मंत्रीयों) ने इस्तीफ़ा पेश कर दिया है ।

दिलचस्प बात ये है कि तृणमूल कांग्रेस ने ताईद ( समर्थन) से दसतबरदारी के सिलसिला में सदर जमहूरीया ( राष्ट्रपति) परनब मुकर्जी से मुलाक़ात के वक़्त लोक सभा में हुकूमत के लिए एतिमाद ( बहुमत) का वोट लेने का मुतालिबा नहीं किया । तृणमूल के लोक सभा में 19 अरकान (सदस्य) पार्लियामेंट हैं ।

इस सूरत-ए-हाल में समाजवादी पार्टी के सरबराह मिस्टर मुलायम सिंह यादव ने तात्तुल (रुकावट) को ख़त्म करते हुए एक बयान जारी किया जिस में हुकूमत की ताईद ( समर्थन)का ऐलान किया गया है। समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के अरकान (सद्स्यों) की ताईद ( समर्थन) के बाद हुकूमत को तक़रीबा ( लगभग) 300 अरकान की ताईद ( समर्थन) मिल गई है ।

तृणमूल के छः वुज़रा ( मंत्री) मुकुल राय सगाता राय सुलतान अहमद सुदीप बिन्दू उपाध्याय ससर अधेकारी और मोहन जटवा ने आज वज़ीर आज़म से मुलाक़ात करते हुए अपने इस्तीफ़े उन के हवाले कर दिए । बिन्दू उपाध्याय ने बादअज़ां कहा कि वज़ीर आज़म ने इन वुज़रा से कहा कि इस्तीफ़ों पर उन्हें अफ़सोस है ।

इस्तीफ़े पेश करने के बाद ये वुज़रा राष्ट्र पति भवन गए जहां मिस्टर मुकुल राय ने तृणमूल कांग्रेस पारलीमानी पार्टी के सदर नशीन की हैसियत से एक मकतूब (पत्र) सदर जमहूरीया ( राष्ट्रपति) को पेश किया गया जिस में कहा गया है कि वो हुकूमत की ताईद ( समर्थन) वापस ले रहे हैं।

इस सवाल पर कि आया तृणमूल के वफ़द ( प्रतिनिधी मंडल) ने हुकूमत के लिए एतिमाद का वोट लेने का मुतालिबा किया है मिस्टर सगाता राय ने कहा कि हम ने कोई इज़ाफ़ी बात नहीं की है । हम मुस्ताफ़ी हो चुके हैं और हुकूमत की ताईद ( समर्थन) से दसतबरदारी का मकतूब ( त्याग पत्र ) दे दिया है । इस के आगे हम ने कुछ नहीं कहा है ।

ताहम (यद्वपि) मिस्टर मुकुल राय ने कहा कि चूँकि बेशतर जमाअतें रीटेल शोबा (Sector) में रास्त बैरूनी सरमाया कारी ( विदेशी निवेशको) की मुख़ालिफ़त ( विरोध) कर रही हैं इस लिए हुकूमत को पार्ल्यमंट ( संसद) में एतिमाद (बहुमत) का वोट हासिल करना चाहीए ।

ये दूसरा मौक़ा है जब समाजवादी पार्टी ने हुकूमत को बोहरान ( संकट/ मुश्किल) से बचाया है । कोलकता में चीफ मिनिस्टर मग़रिबी बंगाल-ओ-सदर तृणमूल कांग्रेस ममता बनर्जी ने कहा कि रीटेल शोबा में रास्त बैरूनी सरमाया कारी ( विदेशी निवेशको) को नोटीफाई करने का फैसला एक इकलेती हुकूमत ने किया है और ये गैर अख़लाक़ी-ओ-गैर जमहूरी है ।

ममता बनर्जी ने कहा कि हम अवामी मुफ़ादात ( फायदेमंद) का तहफ़्फ़ुज़ (हिफाजत) करने जद्द-ओ-जहद कर रहे हैं और हम कामयाब रहेंगे । हुकूमत ने अपनी जानिब से एतिमाद ( समर्थन) का वोट लेने का इमकान मुस्तर्द ( रद्द) कर दिया है । पारलीमानी उमूर ( कार्य समूह) के वज़ीर मिस्टर पी के बंसल ने कहा कि इस बात में कोई शक नहीं है कि हुकूमत को अक्सरियत (बहुसंख्यक) हासिल है उसे एतिमाद ( बहुमत) का वोट लेने की कोई ज़रूरत नहीं है ।

नामा निगारों ने जब मुलायम सिंह यादव से सवाल किया कि आया उन की पार्टी भी मुस्तक़बिल ( भविष्य) में हुकूमत की ताईद ( समर्थन) से दस्तबरदार ( अलग) हो जाऐगी मुलायम ने कहा कि हम एसा क्यों करेंगे ।

हमें फ़िर्कापरस्त अनासिर को इक़तिदार (शासन) से दूर रखना है लेकिन हम यू पी ए में शामिल नहीं हैं ।

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