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तेलंगाना असेंबली में 11 क़रारदादों की मंज़ूरी

तेलंगाना क़ानूनसाज़ असेंबली में अप्पोज़ीशन के शोर-ओ-गुल के दौरान 9मुख़्तलिफ़ मौज़ूआत पर सरकारी क़रारदादें मंज़ूर करली गईं।

तेलंगाना क़ानूनसाज़ असेंबली में अप्पोज़ीशन के शोर-ओ-गुल के दौरान 9मुख़्तलिफ़ मौज़ूआत पर सरकारी क़रारदादें मंज़ूर करली गईं।

तमाम अप्पोज़ीशन जमातों ने अगरचे इन क़रारदादों की ताईद की ताहम पोलावरम के मसले पर इज़हार-ए-ख़्याल का मौक़ा ना दिए जाने से तेलुगु देशम, बी जे पी और कांग्रेस के अरकान नाराज़ थे।

चीफ़ मिनिस्टर चन्द्रशेखर राव‌ ने ये क़रारदादें पेश कीं और एवान से अपील की के वो इन ग़ैर मुतनाज़ा क़रादादों को मुबाहिस के बगै़र मंज़ूरी दे दें। पोलावरम प्रोजेक्ट की तामीर के लिए खम्मम ज़िला के सात मंडलों को आंधरा प्रदेश में ज़म करते हुए मर्कज़ की जानिब से जारी करदा आर्डीनैंस से दसतबरदारी का मुतालिबा करते हुए चीफ़ मिनिस्टर ने पहली क़रारदाद पेश की जिस में कहा गया है कि मुताल्लिक़ा रियासत और हुकूमत की मंज़ूरी के बगै़र सरहदों की तबदीली दस्तूर की दफ़ा 3के ख़िलाफ़ है लिहाज़ा हुकूमत को चाहीए कि वो आर्डीनैंस से दसतबरदारी इख़तियार करे। दूसरी क़रारदाद में तलंगाना रियासत को ख़ुसूसी रियासत का मौक़िफ़ दिए जाने का मर्कज़ से मुतालिबा किया गया। चीफ़ मिनिस्टर ने कहा कि तलंगाना रियासत 85 फ़ीसद कमज़ोर तबक़ात पर मुश्तमिल है जो कि मआशी और समाजी तौर पर पसमांदा हैं इस एतबार से तलंगाना को ख़ुसूसी रियासत का दर्जा दिया जाना चाहीए। तलंगाना के 10अज़ला में 8अज़ला को प्लानिंग कमीशन ने मुलक के पसमांदा अज़ला की फ़हरिस्त में शामिल किया है। चीफ़ मिनिस्टर ने कहा कि वज़ीर-ए-आज़म नरेंद्र मोदी से अपनी हालिया मुलाक़ात के दौरान भी उन्हों ने वाज़िह किया था कि अगर आंध्र प्रदेश के साथ ख़ुसूसी रियायत का मुआमला किया जाये तो तेलंगाना पर भी इस का नफ़ाज़ होना चाहीए।

उन्होंने मुराआत और दुसरे सहूलतों की फ़राहमी में दोनों रियासतों के साथ यकसाँ सुलूक किए जाने की मांग की और कहा कि सिर्फ़ आंध्र प्रदेश के साथ ख़ुसूसी रियायत की सूरत में तेलंगाना से नाइंसाफ़ी होगी।

तीसरी क़रारदाद में सिंगारीनी कालरीज़ के मुलाज़मीन को तनख़्वाहों और दुसरे मुराआत में इनकम टैक्स से मुस्तसना क़रार देने की अपील की गई। के सी आर ने कहा कि फ़ौजी जवानों को इस तरह की सहूलत हासिल है।

चीफ़ मिनिस्टर की तरफ से पेश करदा चौथी क़रारदाद में एवेरेस्ट की चोटी सेर करने वाले तेलंगाना के दो तालिब-ए-इल्मों मालावती पूर्णा और आनंद कुमार को मुबारकबाद पेश की गई।

क़रारदाद में कहा गया है के पूर्णा का ताल्लुक़ दर्ज फ़हरिस्त क़बाईल से है जबकि आनंद कुमार दर्ज फ़हरिस्त तबक़ा से ताल्लुक़ रखते हैं।

इन तलबा ने इंतिहाई कमउमर में एवेरेस्ट की चोटी सेर करते हुए ना सिर्फ़ तेलंगाना बल्कि सारे मुल्क का नाम रोशन किया है।

उन्होंने कहा कि मालावती पूर्णा ने इंतिहाई कमउमरी में एवेरेस्ट की चोटी सर करने का आलमी रिकार्ड क़ायम किया है। इन दोनों का ताल्लुक़ निज़ामबाद और खम्मम से है और वो ग़रीब ख़ानदानों से ताल्लुक़ रखते हैं।

ये दोनों समाजी भलाई के इक़ामती स्कूल के तलबा हैं। एक और क़रारदाद में चीफ़ मिनिस्टर ने इन दोनों तलबा के लिए फी कस 25लाख रुपये के इनाम का एलान किया।

इस के अलावा उनके ट्रेनर शेखर बाबू के लिए भी 25लाख रुपये के इनाम का एलान किया गया। चीफ़ मिनिस्टर ने एलान किया कि इन दोनों ख़ानदानों को फी कस 5 एकर ज़रई अराज़ी फ़राहम की जाएगी साथ में बोरवेल और बोरवेल की मोटर भी दी जाएगी।

उन्होंने मकान की तामीर के लिए भी मुनासिब इमदाद का एलान किया। छटवें क़रारदाद में तेलंगाना असेंबली ने मर्कज़ से मांग की के तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के लिए अलाहिदा अलाहिदा हाई कोर्टस की तशकील अमल में लाई जाये।

उन्होंने कहा कि रियासत की तक़सीम के बाद दोनों रियासतों के अवाम और ऐडवोकेटस अपने अलाहिदा हाई कोर्टस के मुंतज़िर हैं लिहाज़ा हुकूमत को इस सिलसिले में आजलाना इक़दामात करने चाहीए।

तेलंगाना असेंबली की सातवें क़रारदाद में ख़वातीन को पार्लियामेंट और असेंबली की नशिस्तों में एक तिहाई तहफ़्फुज़ात फ़राहम करने का मर्कज़ से मुतालिबा किया गया।

साथ ही पार्लियामेंट में ख़वातीन तहफ़्फुज़ात बिल की मंज़ूरी पर ज़ोर दिया गया। चीफ़ मिनिस्टर ने कहा कि आबादी में ख़वातीन 50फ़ीसद हैं लेकिन क़ानूनसाज़ इदारों में उनकी नुमाइंदगी सिर्फ़ 10 फ़ीसद है। चीफ़ मिनिस्टर ने पार्लियामेंट और मुल्क की तमाम असेंबलीयों में ओ बी सी तबक़ात को 33फ़ीसद तहफ़्फुज़ात की फ़राहमी का मुतालिबा किया।

उन्होंने कहा कि क़ानूनसाज़ इदारों और फ़ैसला साज़ी में ओ बी सी तबक़ात की नुमाइंदगी में इज़ाफ़ा नागुज़ीर है। नौवीं क़रारदाद में तेलंगाना असेंबली ने मर्कज़ से मांग की के वो बहबूदी पसमांदा तबक़ात की अलाहिदा वज़ारत क़ायम करे। चीफ़ मिनिस्टर ने कहा कि मुल्क की कई रियासतों में बहबूदी पसमांदा तबक़ात की वज़ारत नहीं है जबकि मुल्क में ओ बी सीज़ की आबादी40ता50फ़ीसद है।

उन्होंने कहा कि मुल्क के वज़ीर-ए-आज़म चूँकि पसमांदा तबक़ा से ताल्लुक़ रखते हैं लिहाज़ा उन्हें चाहीए कि मर्कज़ में ओ बी सी की भलाई से मुताल्लिक़ अलाहिदा वज़ारत क़ायम करें।

कांग्रेस, तेलुगु देशम, बी जे पी, सी पी एम, सी पी आई, वाई एस आर कांग्रेस और दूसरों ने इन क़रारदादों की ताईद की जिन्हें स्पीकर मधूसुदन चारी ने नदाई वोट से मंज़ूरी दी।

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