Tuesday , January 23 2018

तेलंगाना और सीमांध्र चीफ़ मिनिस्टर्स की हलफ़ बर्दारी में ताख़ीर

मर्कज़ी हुकूमत की तरफ से तेलंगाना रियासत के क़ियाम की तारीख़ में तबदीली ना करने के एलान के बाद तेलंगाना-ओ-सीमांध्र रियासतों के चीफ़ मिनिस्टर्स को हलफ़ बर्दारी के लिए 2 जून तक इंतेज़ार करना पड़ेगा।

मर्कज़ी हुकूमत की तरफ से तेलंगाना रियासत के क़ियाम की तारीख़ में तबदीली ना करने के एलान के बाद तेलंगाना-ओ-सीमांध्र रियासतों के चीफ़ मिनिस्टर्स को हलफ़ बर्दारी के लिए 2 जून तक इंतेज़ार करना पड़ेगा।

मर्कज़ी हुकूमत ने दोनों रियासतों के क़ियाम के लिए 2 जून अपोइंटेड डे के तौर पर मुक़र्रर की है और इस सिलसिले में तबदीली के लिए टी आर एस की तरफ से की गई नुमाइंदगी को क़बूल नहीं किया गया।

दोनों रियासतों के क़ियाम की तारीख़ में अदम तबदीली की अहम वजह तक़सीम का अमल है और उसकी कोई सियासी वजूहात नहीं। मर्कज़ी हुकूमत ने भी वाज़िह कर दिया कि रियासत की तक़सीम का अमल तेज़ी से जारी है लिहाज़ा अप्पोइंटेड डे को 2 जून से क़बल मुक़र्रर नहीं किया जा सकता।

16 मई को असेंबली और लोक सभा कनताइज मंज़रे आम पर आयेंगे और तीन दिन बाद 14 वीं रियासती असेंबली की तशकील के सिलसिले में इलेक्शन कमीशन आलामीया जारी करेगा।

मुशतर्का रियासत में वाहिद बड़ी पार्टी के तौर पर उभरने वाली जमात तशकील हुकूमत के लिए गवर्नर के पास दावेदारी पेश नहीं करे पाएगी क्युंकि 2 जून को दो नई रियासतें वजूद में आरही हैं। 2 जून तक गवर्नर ई एस एल नरसिम्हन ही तमाम उमोर की निगरानी करेंगे। इस तरह गवर्नर राज 2 जून तक जारी रहेगा। इंतेज़ामी तौर पर दोनों रियासतों की कारकर्दगी के आग़ाज़ के बाद गवर्नर दोनों एवानों के इजलास की तलबी के लिए आलामीया जारी करदेंगे।

नई हुकूमतों की तशकील तक सदर राज बरक़रार रहेगा। 13 वीं असेंबली की मीयाद 3 जून 2009 को शुरू हुई थी जबकि नताइज का एलान 19 मई को किया गया था। तवक़्क़ो हैके दोनों रियासतों की नई असैंबलीयां जून के पहले हफ़्ता में इजलास मुनाक़िद करेंगी जहां उबूरी स्पीकर की तरफ से अरकान को ओहदे का हलफ़ दिलाया जाएगा। दोनों रियासतों में अक्सरीयत हासिल करनेवाली पार्टी अपने लेजिस्लेचर पार्टी मीटिंग में क़ाइद का चुनाव करेगी और तशकील हुकूमत के लिए गवर्नर से रुजू होगी।

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