Wednesday , May 23 2018

तेलंगाना की कोई भी सियासी जमात अब्दुलक़दीर की रिहाई पर ग़ैरसंजीदा

मुसलमानों के बशमोल पसमांदगी का शिकार तमाम तबक़ात को तरक़्क़ी के यकसाँ म‌वाक़े फ़राहम करने तक सामाजीका तेलंगाना रियासत की तशकील का ख़ाब शर्मिंदा ताबीर नहीं होसकता। कमेटी फ़ार दी रीलीज़ आफ़ पोलीटिक्ल प्रेज़नरस और पी डी एम के ज़ेरे एहतेम

मुसलमानों के बशमोल पसमांदगी का शिकार तमाम तबक़ात को तरक़्क़ी के यकसाँ म‌वाक़े फ़राहम करने तक सामाजीका तेलंगाना रियासत की तशकील का ख़ाब शर्मिंदा ताबीर नहीं होसकता। कमेटी फ़ार दी रीलीज़ आफ़ पोलीटिक्ल प्रेज़नरस और पी डी एम के ज़ेरे एहतेमाम धरना चौक इंदिरा पार्क पर मुनाक़िदा एह‌तेजाजी धरने से ख़िताब करते हुए जनाब ज़हीरुद्दीन अली ख़ान ने इन ख़्यालात का इज़हार किया।

मुजाहिदीन जंग-ए-आज़ादी शहीद भगत सिंह सुखदेव राज गुरु की 83वीं बरसी के मौक़े पर सियासी क़ैदीयों के हुक़ूक़ का हफ़्ते के तौर पर मनाए जाने वाले एहतेजाजी प्रोग्राम के पहले दिन साबिक़ रुक्न क़ानूनसाज़ काउंस‌ल मिस्टर चकारामिया सदर सी आर पी सी बोजातारकम पी वेंकटेश्वर राव इन्क़िलाबी मुसन्निफ़ विरह विरह राव‌ मारूफ़ सहाफ़ी और समाजी जहदकार मिस्टर राम चन्द्र मूर्ती अलम नारायणा सियोल लीबर्टीज़ जहदकार मिस्टर राघव नाथ के इलावा दीगर ने भी ख़िताब किया।

उन्होंने कहा कि जम्हूरियत के दावे तो बहुत किए जाते है मगर अमली मैदान में जम्हूरियत को कारकर्द बनाने के इक़दामात की कमी मुसलमानों के अलावा पसमांदगी का शिकार दीगर तबक़ात के साथ हक़तलफ़ी और नाइंसाफ़ी की वजह बन रहा है।

उन्होंने चौबीस सालों से क़ैद व बंद की सऊबतें झेल रहे साबिक़ कांस्टेबल अब्दुलक़दीर की सियासी क़ैद से रिहाई का मुतालिबा करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले चौबीस सालों से अब्दुलक़दीर जेल में क़ैद व बंद की सऊबतें झेल रहे हैं अपनी ग़लती का एतराफ़ और मुक़र्रर सज़ा से ज़्यादा वक़्त जेल में गुज़ार देने के बावजूद अब्दुलक़दीर की रिहाई तातिल का शिकार बनी हुई है।

जनाब ज़हीरुद्दीन अली ख़ान ने कहा कि अब्दुलक़दीर को शूगर का मर्ज़ लाहक़ होगया है और इन्फेक्शन के सबब अब्दुलक़दीर का पैर काट दिया गया जबकि दूसरे पैर में भी इन्फेक्शन फैलता जा रहा है। उन्होंने मज़ीद कहा कि जेल से मिली इत्तेलाआत के मुताबिक़ अगर ईलाज मुआलेजा सही वक़्त पर नहीं किया गया तो अब्दुलक़दीर का दूसरा पैर भी काट देना पड़ेगा।

उन्होंने मज़ीद कहा कि अब्दुलक़दीर का मासूम बच्चा भी जिसका दिमाग़ी तवाज़ुन ठीक नहीं है इस मासूम बच्चे और अब्दुलक़दीर की अहलिया को क़दीर की ज़रूरत है मगर तेलंगाना की कोई भी सियासी जमात अब्दुलक़दीर के मुताल्लिक़ बात करने के लिए तैयार नहीं है इक़तेदार हासिल करने के लिए बुलंद बाँग दावे तो किए जाते है मगर अब्दुलक़दीर की रिहाई के मुताल्लिक़ नुमाइंदगी से गुरेज़ किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सामाजीका तेलंगाना रियासत की तशकील के दावे करने वाले क्या इस हक़ीक़त से इनकार करसकेंगे तेलंगाना रियासत की तशकील सिर्फ़ इक़तेदार की मुंतक़ली का अमल बन कर रह जाएगा। उन्होंने मज़ीद कहा कि ज़ाती मफ़ादात की तकमील के लिए इक़तेदार हासिल करना ही तेलंगाना के क़ाइदीन का मक़सद बना हुआ है।

अवामी मसाइल से रुगिरदानी बिलखुसूस मुसलमानों और कबायली तबक़ात के साथ होने वाली नाइंसाफ़ीयों पर ख़ामोशी के बावजूद सामाजीका तेलंगाना रियासत की तशकील को यक़ीनी बनाने के तमाम दावे खोखले दिखाई दे रहे हैं । जनाब ज़हीरुद्दीन अली ख़ान ने इस मौक़े पर पोलावरम प्रोजेक्ट की वजहा से मुतासिर होने वाले कबायली तबक़ात का भी तज़किरा किया लाखों कबायली ख़ानदानों को बेघर करने वाले पोलावरम प्रोजेक्ट‌ के मुताल्लिक़ तेलंगाना हामी सियासी जमातों की ख़ामोशी सामाजीका तेलंगाना रियासत की तशकील में सब से बड़ी रुकावट साबित होरहा है।

उन्होंने तेलंगाना में दस सालों तक गवर्नर को दिए जाने वाले ज़ाइद इख़्तेयारात के अलावा दस सालों तक हैदराबाद को मुशतर्का सदर मुक़ाम में तरमीमात को लाज़िमी क़रार दिया। बोजातारकम ने एहतेजाजी धरने से ख़िताब करते हुए गणेश और अब्दुलक़दीर की ग़ैरमशरूत रिहाई का मुतालिबा किया।

उन्होंने कहा कि सी आर पी सी की जानिब से सियासी क़ैदीयों के हुक़ूक़ का हफ़्ता प्रोग्राम का मक़सद ही धह‌शतगर्दी और नक्सलिज़म के नाम मुसलमानों दलित‌ व क़बाइलीयों को सियासी क़ैदी बनाकर उनके साथ मुजरिमों जैसा सुलूक करने के वाक़ियात की रोक थाम और रियासत की मुख़्तलिफ़ जेलों में क़ैद सियासी क़ैदीयों को इनका हक़ दिलाने की जद्द-ओ-जहद भी है। चकारामिया राम चन्द्र मूर्ती विरह विरह राव‌ के अलावा दीगर ने भी अब्दुलक़दीर और गणेश की ग़ैरमशरूत रिहाई का पुरज़ोर मुतालिबा किया।

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