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तेलंगाना की मुइद बी जे पी, उत्तरप्रदेश की तक़सीम की मुख़ालिफ़ क्यों

हैदराबाद /20 नवंबर (सियासत न्यूज़) कांग्रेस के रुकन पार्लीमैंट मिस्टर लगड़ा पाटी राजगोपाल ने कहा कि मर्कज़ में बी जे पी हुकूमत आने पर 100 दिन तो दूर 100 माह में भी अलहदा तेलंगाना रियासत तशकील नहीं दे सकती। तेलंगाना की ताईद करनेवाली बी जे प

हैदराबाद /20 नवंबर (सियासत न्यूज़) कांग्रेस के रुकन पार्लीमैंट मिस्टर लगड़ा पाटी राजगोपाल ने कहा कि मर्कज़ में बी जे पी हुकूमत आने पर 100 दिन तो दूर 100 माह में भी अलहदा तेलंगाना रियासत तशकील नहीं दे सकती। तेलंगाना की ताईद करनेवाली बी जे पी उत्तरप्रदेश को चार रियास्तों में तक़सीम करने के ख़िलाफ़ है। तेलंगाना के अवाम की कम अज़ कम अब भी आँखें खुल जानी चाहिए।

विजयवाड़ा के रुकन पार्लीमैंट मिस्टर लगड़ा पाटी ने कहा कि अलहदा रियासत की किसी भी सूरत में तशकील नामुमकिन है, कांग्रेस ने वाज़िह करदिया कि छोटी रियास्तों के मुआमले में इस की पालिसी सकनड ऐस आर सी है। वज़ीर-ए-आज़म डाक्टर मनमोहन सिंह ने कह दिया कि अलहदा रियासत की तशकील नामुमकिन है। बी जे पी भी छोटी रियास्तों के मुआमले में दोहरा रोल अपना रही है। अडवानी मर्कज़ में हुकूमत तशकील देने के बाद अंदरून 100 दिन अलहदा तेलंगाना रियासत तशकील देने का ऐलान कर रहे हैं, जब कि बी जे पी के क़ौमी सदर मिस्टर नतिन गडकरी छोटी रियास्तों की तशकील के लिए कांग्रेस की पालिसी सकनड ऐस आर सी की ताईद कर रहे हैं। चीफ़ मिनिस्टर मस मायावती ने उत्तरप्रदेश को चार रियास्तों में तक़सीम करने का ऐलान किया है।

बी जे पी के क़ाइद राजनाथ सिंह के इलावा दीगर क़ाइदीन इस ऐलान की भरपूर मुख़ालिफ़त कर रहे हैं। बी जे पी को तेलंगाना मसला से कोई दिलचस्पी नहीं है, वो सिर्फ़ सयासी मुफ़ाद परस्ती के लिए अलहदा तेलंगाना रियासत की तशकील की ताईद का ऐलान कर रही है। मिस्टर लगड़ा पाटी ने कहा कि उन्हें यक़ीन है कि रियासत हरगिज़ तक़सीम नहीं होगी। अगर इत्तिफ़ाक़ से अलहदा तेलंगाना रियासत बन जाती है तो इस से सिर्फ तेलंगाना के क़ाइदीन को फ़ायदा होगा, जब कि सीमा। आंधरा के क़ाइदीन को कोई नुक़्सान नहीं होगा।

कोन्डा लक्ष्मण बाबूजी की जानिब से मुनज़्ज़म करदा शांति साधना सभाॶं में शिरकत करने के ताल्लुक़ से पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए उन्हों ने कहा कि ये इजलास रियासत की तक़सीम का माहौल तैय्यार करने के लिए मुनाक़िद नहीं किए जा रहे हैं, बल्कि रियासत में अमन-ओ-अमान को बरक़रार रखने के लिए मुनज़्ज़म किए जा रहे हैं।

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