Tuesday , November 21 2017
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तेलंगाना -खामोश होकर नही आवाज़ उठाकर ही मिलेगा मुसलमानों को आरक्षण

हैदराबाद – मुसलमानों को आरक्षण देने के वादे पर इस समय कोई प्रगति ना होते देख मुस्लिम संघठन प्रदर्शन करने की सोच रहे है .सरकार पर दवाब बनाने के लियें प्रदर्शन जनता का धारदार हथियार है .इस समय भारत में लोकतंत्र की खूबसूरती है कि पर्दर्शन से लोग अपनी मांग सरकार के सामने रखते है

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मौजूदा समय में हरियाणा से लेकर गुजुरात और राजिस्थान तक आरक्षण पाने के लियें प्रदर्शन हुयें है .लेकिन हैरानी की बात मुस्लिम सरकार की नाइंसाफी पे आवाज़ नही उठाते है .मुस्लिम की मौजूदगी सरकारी जाब में बहुत कम है सरकार मुसलमानों से चुनावी वायदे करती है लेकिन चुनाव के बाद अपने वायदों को भूल जाती है .

अगर मुसलमानों के पिछड़ेपन को ईमानदारी से अध्ययन किया जाये तो मुसलमान तो इसके लियें कम ज़िम्मेदार ,सरकार और हमारे मुस्लिम नेता ज्यादा ज़िम्मेदार है .यही वज़ह है मुसलमान 60 साल में हर शोह्बे में बहुत पीछे हो गये है .

तेलंगाना बनने के बाद टीआरएस के मुखिया चन्द्रशेखर राव ने मुस्लिम को 12 फ़ीसद रिजर्वेशन का वादा किया था इससे उम्मीद जागी थी मुस्लिम को सरकारी नौकरी पाने का और तालीमी इदारो में मौजूदगी बढाने का मौका मिलेगा .लेकिन अपने दो साल के समय में चन्द्र शेखर राव ने मुस्लिम की भलाई के लियें कोई काम नही किया .

12 फ़ीसद का रिजर्वेशन टीआरएस द्वारा बनाया गया खिलौना हो गया है जिसे टीआरएस मुस्लिमो से खेल रही है .अगर चन्द्र शेखर राव ये समझते है मुसलमान उनका हमेशा वोट बैंक रहेगा तो उनका सोचना गलत है .मुस्लिम का सियासी नजरिया भी दुसरे समुदाय के तरह बदलता है .

मुस्लिमो में जागरूपता लाने के लियें सिआसत उर्दू डेली ने एक अभियान चलाया है जोकि तेलंगाना के हर एक जिले में होगा .सरकार के हर दफ़्तर में लोग मेमोरंडम देंगे .ये हमारा लोकतान्त्रिक हथियार है इसको मुस्लिमो को इस्तेमाल करना होगा .अगर मुस्लिम चुप रहेंगे तो उनको रिजर्वेशन नही मिलेगा .

अगर मुस्लिम को रिजर्वेशन मिलेगा तो 25000 नौकरिया मुस्लिमो के हाथों में होगी . ऐसी जानकारी है सीएम तेलंगाना में एक लाख से ज्यादा नौकरी निकालेंगे .तालीमी इदारो में मुस्लिम की मौजूदगी बढेगी .

सुधीर कमीशन ऑफ़ इन्क्वारी के सर्वे में ,क्लास वन की जोब में मुस्लिम सिर्फ़ एक फ़ीसद है वही दूसरी केटेगरी में दो फ़ीसद से थोडा ज्यादा है .अगर मुस्लिम नही अपना हक़ मांगेंगे तो उनका मुस्तकबिल अँधेरे में रहेगा .

ज़रूरत है मुस्लिम इत्तेहाद कायम करके अपने हक़ के लियें आवाज़ उठाये .मुस्लिम नेताओ को भी इस प्रकार के अभियानों से जुड़कर मुस्लिम कौम के हक़ की आवाज़ उठानी चाहियें .

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